Sunday, October 2, 2022
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आँतों में सूजन के 7 आयुर्वेदिक उपचार | Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi

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आँतों में सूजन का आयुर्वेदिक उपचार Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi

हमारे शरीर में आँतों का बहुत महत्वपूर्ण रोल है। पानी और अन्य मिनरल्स साल्ट्स को तब तक अवशोषित करती हैं जब तक कि ये सेमि-सॉलिड स्टेट में न बदल जाएँ। जो gases बनती हैं आँतों में खाने और पीने से, वे बड़ी आंत के जरिये बाहर निकलती हैं (वायु के रूप में) । अब अगर यदि आ जाए तो शरीर के लिए काफी हानिकारक स्थिति हो सकती है।

मेडिकल भाषा में इसे ulcerative colitis कहा जाता है। ये आपकी बड़ी आंत और मलाशय की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है। इसका शुरूआती स्टेज में ही उपचार कर लेना चाहिए नहीं तो बाद में स्थिति बिगड़ सकती है। आँतों में सूजन को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार (Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi) अत्यंत लाभकारी हैं।

आंतों में सूजन के लक्षण और कारण (Ulcerative Colitis Symptoms & Causes)

आंतों में सूजन के लक्षण निम्नलिखित हैं और इसके कारणों का exact नहीं पता लेकिन कुछ फैक्टर्स हैं

स. कारण लक्षण
1 अनुवांशिक कारणों से पेट में मरोड़ उठने के साथ दर्द होना
2 30 साल से कम उम्र के लोगों में ये बीमारी ज्यादा पाई जाती है भूख कम हो जाना
3 पाचन तंत्र में बैक्टीरियल इन्फेक्शन बढ़ने से बार बार मल त्याग करने की इच्छा होना
4 इम्युनिटी कमजोर होना भी बड़ा कारण है वजन कम होने लगता है
5 शरीर में पित्त का बढ़ना गंभीर स्थिति में बुखार होना
6 आमदोष होने के कारण मल त्याग करते हुए खून आना या म्यूकस आना
7 मानसिक तनाव बड़ा कारण है मलाशय में दर्द होना
8 मल बाहर नहीं निकलता लेकिन ऐसा लगता है कि मल आ रहा है
9 बच्चों में हो तो उनकी ग्रोथ नहीं होती

Ulcerative Colitis के प्रकार (Types of Ulcerative Colitis)

Ulcerative Colitis के तीन प्रकार हैं। आइये जानते हैं –

  • Procitis – इसमें मलाशय की जगह पर सूजन आने लगती है।
  • Proctosigmoiditis – मलाशय और बड़ी आंत के बीच का हिस्सा प्रभावित होता है और वहां छले होने शुरू हो जाते है।
  • Pancolitis – इसमें पूरी बड़ी आंत प्रभावित हो जाती है।

आंतों में सूजन की आयुर्वेदिक दवा (Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi)

आंतों में सूजन का इलाज आयुर्वेदिक दवाओं के माध्यम से ही करें क्यूंकि इसका exact कारण नहीं पता होने करके आयुर्वेदिक दवाएं ही इसमें कारगर रहेंगी। लक्षणों को देखते हुए आयुर्वेदिक औषधियां इसमें जल्दी असर करेंगी।

नोट – आयुर्वेदिक औषधियां कभी भी चिकित्सक के परामर्श के बिना नहीं लेनी चाहिए। नीचे बताई गयी सभी औषधियां सिर्फ जानकारी के लिए बताई जा रही हैं।

चित्रकादि वटी

ulcerative colitis में कभी भूख लगती है और कभी नहीं। इसलिए चित्रकादि वटी भूख को मैनेज करने में बहुत उपयोगी है। एसिडिटी की समस्या से राहत दिलाने में भी ये औषधि अत्यंत फायदेमंद है।

प्रवाल पंचामृत

जैसा कि आपको पता है कि पित्त का प्रकोप भी एक कारण है आँतों में सूजन और अल्सर होने का तो प्रवाल पंचामृत पित्त को शांत करती है। इसके साथ ही पतले दस्त, डकारे आना, पेट में जलन आदि की समस्या को दूर करने में भी उपयोगी है।

मुलेठी चूर्ण

मुलेठी पेट के अल्सर जितनी उपयोगी है उतनी ही आँतों की सूजन और अल्सर के भी फायदेमंद है। 1/2 मुलेठी चूर्ण को 1 कप दूध के साथ दिन में 2 बार सेवन करें। इससे जिन लोगों के मल में या उल्टी में खून आता है, उनके लिए भी लाभकारी है।

अविपत्तिकर चूर्ण

अविपत्तिकर चूर्ण पाचन एन्ज़ाइम्स को तेजी से बनाता है। ये आपके पोषक तत्वों को सोखने में मदद करते हैं और साथ ही बोवेल मूवमेंट को भी बढ़ाता है। पाचन तंत्र को मजबूती प्रदा करने के साथ ही कोलन की ऊपरी परत को भी ताकत प्रदान करता है।

कुटज घन वटी

कुटज घनवटी आँतों के सभी प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसके साथ ही बवासीर, गैस्ट्रिक अल्सर और पेट के अन्य रोगों को ठीक करने के लिए भी फायदेमंद है। आँतों की सूजन को दूर (Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi) करने के लिए इसका खासतौर पर प्रयोग किया जाता है।

कुटजारिष्ट

कुटजारिष्ट एक ऐसी औषधि है जिससे संबंधी दिक्क्तों को ठीक किया है। इसमें थोड़ी-सी मात्रा में प्राकृतिक शराब भी पाई जाती है क्यूंकि इसमें गुड़ का प्रयोग किया जाता है। संग्रहणी रोग के अलावा पेट के अन्य रोगों को ठीक करने के लिए ये उत्तम दवा है।

छाछ

दही को मथकर उसका मक्खन पूरी तरह निकाल लें, उसी को छाछ कहते हैं। इसमें आपको जीरा भूनकर डालना है और काली मिर्च मिलानी है। इसे घूंट-घूंट करके पीएं, जिससे आपको पेशाब खुलकर आएगा। पेट और आंत संबंधी सभी रोग दूर होंगे। ये आंतों की सूजन का घरेलू उपचार है।

आंतों की सूजन में कौन से फल खाएं

फलों और सब्जियों के सेवन से और उचित आहार लेने से आँतों में सूजन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • प्रोबायोटिक्स से भरपूर भोजन करें
  • हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें
  • मौसमी फल खाएं या फलों का रस पीएं
  • मौसमी, अनानास का रस (छानकर ही पीएं) आँतों की सूजन में बहुत फायदेमंद हैं
  • तरबूज, खीरा, पका केला आदि खाना भी उपयोगी है
  • अपने भोजन वसा की मात्रा कम रखें
  • मिर्च-मसाले वाला भोजन भी न करें

निष्कर्ष

उपर्युक्त सभी आयुर्वेदिक औषधियां (Ulcerative Colitis Treatment in Ayurveda in Hindi) आंतों के लिए उपयोगी हैं लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को उसकी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही वैद्य को उसे देनी चाहिए। उसकी पूरी जांच करने के बाद ही सही औषधियों का चुनाव चिकित्सक के द्वारा किया जाता है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – पेट की आंतों में सूजन क्यों आती है?

उत्तर – ज्यादा गरिष्ठ भोजन करने से, तला-भुना अधिक खाने से और शराब आदि के सेवन से आंतों में सूजन और अल्सर की शिकायत हो जाती है। अच्छे डाइट-प्लान और आयुर्वेदिक इलाज द्वारा इसे ठीक किया जा सकता है।

प्रश्न – आंतों की सूजन कितने दिनों में ठीक हो जाती है?

उत्तर – यदि सही समय पर इसका इलाज शुरू करवा दिया जाए तो 2 से 5 दिनों के भीतर ही फर्क महसूस होने लगता है।

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