Monday, May 23, 2022
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सांस फूलने के कारण और घरेलू उपाय | Shortness of Breath Treatment at Home in Hindi

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Shortness of Breath Treatment at Home in Hindi सांस फूलने के कारण और घरेलू उपाय

सांस फूलने की समस्या बुजुर्गों में ज्यादा पाई जाती है लेकिन आजकल युवाओं में भी ये समस्या देखी जा रही है क्यूंकि गतिहीन जीवनशैली इसका कारण है और कोरोना की वजह से हर व्यक्ति घबरा भी रहा है। सर्दियों के मौसम में सांस फूलने की समस्या अधिक होती है क्यूंकि आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात बढ़ जाता है।

सांस फूलने की समस्या में व्यक्ति के नाक से सांस तो जाती है लेकिन गले के नीचे नहीं पहुंचती जिससे उसे ऐसा लगता है कि किसी ने गला दबा दिया है। ये समस्या हृदय संबंधी रोग, फेफड़ों का संक्रमण, रेस्पिरेटरी सिस्टम में गड़बड़ी एवं शरीर में खून की कमी की वजह से हो सकती है। आइये आगे जानते हैं सांस फूलने के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय।

सांस फूलने के कारण और लक्षण

कई कारणों की वजह से सांस फूल सकती है और निम्लिखित लक्षणों को देखकर आप पता करा सकते हैं कि आपकी सांस उखड़ रही है।

स. कारण लक्षण
1अधिक ऊंचाई पर जाना दिल की धड़कन का बढ़ना
2सिगरेट, बीड़ी पीना थोड़ा सा काम करने पर थकान महसूस होना
3प्रदूषण की वजह से छाती में दर्द उठना
4अधिक व्यायाम करने से भी घबराहट, बेचैनी होना
5शरीर में खून की कमी होना कभी-कभी ऐसा लगना कि उल्टी आएगी
6अधिक वजन के कारण सांस लेने में कठिनाई होना
7चिंता और घबराहट में सोते समय पसीना आना
8शरीर में पानी की कमी से वजन का कम हो जाना
9बुखार आने पर भी सांस लेते हुए सीने में दर्द होना

इसके अलावा अन्य बिमारियों के कारण भी सांस फूलने की समस्या होती है जैसे टीबी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, फेफड़ों में पानी भरना आदि।

सांस फूलने के घरेलू उपाय (Shortness of Breath Treatment at Home in Hindi)

सांस फूलने पर आप कुछ सरल घरेलू उपाय घर पर ही करें, इससे आपको काफी लाभ होगा –

लैवेंडर आयल सूंघें

श्वसननलिकाओं में आई सूजन की वजह से यदि आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो लेवेंडर आयल को सूंघने से तुरंत लाभ मिलेगा क्यूंकि ये श्वास मार्ग में उत्पन्न अवरोध को दूर करके सांस लेने में आसानी करता है।

प्राणायाम करें

नियमित रूप से प्राणायाम करने से सांस फूलने की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है। सुबह के समय पद्मासन में बैठ जाएँ और गहरी लम्बी सांस खींचे और फिर धीरे-धीरे छोड़ दें। इसी क्रिया को 5 बार करें, आप 3 दिनों में ही फर्क महसूस करेंगे।

आदि मुद्रा

आदि मुद्रा फेफड़ों को शक्तिशाली बनाने के लिए बहुत उत्तम है। जिन लोगों के फेफड़े कमजोर हैं, उन्हें ये मुद्रा नित्य 20 मिनट अवश्य करनी चाहिए। सांस लेने में दिक्क्त, सांस फूलना जैसी समस्याएं बिल्कुल ठीक हो जाएंगी।

इलाइची का सेवन

इलाइची में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कैंसर से बचाव में उपयोगी हैं। इसके साथ ही इलाइची वजन को नियंत्रित करती है और वात को बैलेंस करती है जो सांस फूलने के प्रमुख कारणों में से हैं। दोपहर के समय 2 इलाइची का सेवन करें या आप गुनगुने पानी के साथ भी इलाइची खा सकते हैं। सांस फूलने की समस्या हमेशा के लिए ठीक हो जायेगी।

मेज पर रखें सिर

कुर्सी पर बैठकर अपने सामने पड़े मेज पर सिर रखें। इससे सांस आसानी से लिया जाएगा, ये बहुत ही अच्छी और आजमाई हुई विधि है। इसका प्रयोग अवश्य करें।

अदरक भी है फायदेमंद

अदरक में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो गले, फेफड़ों में जमा बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है। अदरक के रस को शहद में मिलाकर चाटने से सांस फूलने की समस्या दूर होती है।

बारिश के मौसम में व्यायाम न करें

बारिश के मौसम में व्यायाम करने से श्वसननलिकाएँ टाइट होने लगती है, जिस कारण सांस फूलने की समस्या होती है। ज्यादा देर तक भी व्यायाम न करें, इससे हृदय पर बुरा प्रभाव पड़ता है और इस वजह से सांस फूलने लगती है।

धूम्रपान न करें

धूम्रपान करने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है और अस्थमा का रोग भी लग जाता है। ये सबसे बड़ा कारण है सांस फूलने का, इसलिए धूम्रपान हमेशा के लिए छोड़ दें।

ध्यान अवश्य करें

जिन लोगों को चिंता, एंग्जायटी के कारण सांस फूलने की शिकायत है, इनके लिए ध्यान करना रामबाण हो सकता है। रिसर्च ने भी माना है कि ध्यान से हमारा मस्तिष्क शांत होता है एवं दिल और अन्य शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

कैसे आहार का सेवन करें कि सांस फूलने की समस्या न हो

आइये जानते हैं आपको कौनसा आहार का सेवन करना चाहिए –

कैसे आहार का सेवन करें कि सांस फूलने की समस्या न हो

निष्कर्ष

उपर्युक्त घरेलू उपाय आपको हमेशा किसी चिकित्सक से परामर्श करके ही अपनाने चाहिए। एक बार चिकित्सक से सम्पर्क करने के बाद आप घरेलू नुस्खों को भी आजमा सकते हैं, इसमें कोई दिक्क्त नहीं है।

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