Shilajit Ke Fayde or Side Effects

शिलाजीत क्या है, प्रकार, फायदे, खुराक और साइड-इफ़ेक्ट | Shilajit Ke Fayde or Side Effects

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शिलाजीत क्या है, प्रकार, फायदे, खुराक और साइड-इफ़ेक्ट Shilajit Ke Fayde or Side Effects

आयुर्वेदिक औषधियों में शिलाजीत को काफी अहम स्थान प्राप्त है। ये पुरुषों के लिए वरदान है, साथ ही या स्त्रियों के शरीर के भी कई दोषों को नष्ट करती है। इसकी उत्पत्ति सोना से, चांदी से, ताम्बा से और कृष्णलोह से होती है। विधिपूर्वक सेवन करने पर इससे धातु में वृद्धि होती है और रोगों का नाश करती है।

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शिलाजीत क्या है और ये कहाँ पायी जाती है?

शिलाजीत पर्वत की चट्टानों से स्रवित होता है। गर्मीं के मौसम में जब तेज धूप चट्टानों पर पड़ती है तो उनसे काला-काला स्राव बहने लगता है, फिर वह जम जाता है। वही शिलाजीत कहलाता है। पर्वत की चट्टानों में जिन धातुओं का अंश होता है, तदनुसार उन-उन धातुओं से आंशिक रूप से सटा हुआ रहने से शिलाजीत की उत्पत्ति बतलाई गई है।

शिलाजीत के प्रकार और इसके गुणधर्म

शिलाजीत 4 प्रकार की होती है। आइये विस्तार से जानते हैं –

सुवर्ण शिलाजीत – स्वर्णशिला से निकला हुआ शिलाजीत रस में मधुर एवं तिक्त (चरपरा), रंग में अड़हुल के फूल के समान, स्वाद में कटु और शीतवीर्य होता है।

रजत शिलाजीत – चांदी की शिला से निकला हुआ शिलाजीत रस में कटु, रंग में सफ़ेद, वीर्य में शीत और स्वाद में मधुर होता है।

ताम्र शिलाजीत – तांबे की शिला से निकला हुआ शिलाजीत रंग मयूर के कंठ के समान नीला, रस में तिक्त, वीर्य में गर्म और कड़वे स्वाद वाला होता है।

लौह शिलाजीत – लौहयुक्त शिला से निकला हुआ शिलाजीत रंग में गुग्गुल के समान कृष्ण, रस में तिक्त एवं नमकीन, स्वाद में कटु और शीतवीर्य होता है एवं यह सर्वश्रेष्ठ शिलाजीत होता है।

प्रकाररंगरसवीर्यस्वाद
सुवर्ण शिलाजीत रक्ताभ (लाल)मधुर-तिक्त शीत कटु
रजत शिलाजीत श्वेताभ (सफेद)कटु शीत स्वादु
ताम्र शिलाजीत मयूर के कंठ जैसा तिक्त उष्ण कटु
लौह शिलाजीत कृष्ण तिक्त-लवण शीत कटु

शिलाजीत के फायदे -Shilajit Ke Fayde or Side Effects

सामान्यतः सभी प्रकार के शिलाजीत गोमूत्र जैसी गंध वाले होते हैं। रसायन की दृष्टि से प्रयोग करने के लिए लौह शिलाजीत सर्वोत्तम है। आइये जानते हैं इसके लाभ –

सर्वरोगनाशक

चरक संहिता के अनुसार, इस भूतल पर कोई साध्य स्थिति का ऐसा रोग नहीं है, जिसे शिलाजीत अपनी शक्ति से पूर्णतया ठीक न कर दे। शिलाजीत उन-उन अवस्थाओं में उपयुक्त औषध-योगों के साथ शास्त्रविहित विधि-विधान से प्रयुक्त होने पर सर्वविध व्याधियों (कष्टों) का निर्मूलन (दूर) करता है और स्वस्थ व्यक्ति को अत्यंत बल देता है।

हड्डियों को बनाये मजबूत

इसमें कैल्शियम, mangnese, निकल और स्ट्रोंटियम पाया जाता है जोकि हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए बहुत ही उपयोगी तत्त्व हैं। यह आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बिमारियों में राहत प्रदान करता है।

घाव जल्दी भरते हैं

शिलाजीत के सेवन से हमारे शरीर की जख्मों को भरने की क्षमता बढ़ती है। इसमें मौजूद विटामिन बी, कॉपर और फुलविक एसिड हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है, जिससे जुखाम, बुखार जैसी बीमारियां आम लोगों के मुक़ाबले जल्दी ठीक होने लगती हैं।

स्टैमिना को बढ़ाती है

स्पोर्ट्स से जुड़े लोग भी अपने स्टैमिना को बढ़ाने के लिए शिलाजीत का सेवन करते हैं। इसे वर्कआउट से पहले स्ट्रेंथ के लिए और वर्कआउट के बाद मसल्स की ग्रोथ के लिए या रिकवरी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन लोगों को दिनभर आलस या थकान रहती है, उन्हें सुबह के समय इसका सेवन करना चाहिए।

नसों की ब्लॉकेज को ठीक करती है

शिलाजीत में आयरन की मात्रा अधिक होती है जोकि शरीर की नसों में ऑक्सीजन के संचार को गति प्रदान करती है। नसों में आयी कमजोरी, कोलेस्ट्रॉल या ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए यह बहुत फायदेमंद है।

शीघ्रपतन में यह बहुत लाभदायक

शिलाजीत का असर शरीर के एण्ड्रोजन, एस्ट्रोजन और टेस्टेस्टरोन जैसे सभी तरह के सेक्सुअल होर्मोनेस पर होता है। शीघ्रपतन, नपुंसकता, शुक्राणुओं की कमी तथा महिलाओं और पुरुषों के शरीर से जुडी हर तरह की सेक्सुअल कमजोरी इसके इस्तेमाल से पूरी तरह ठीक हो जाती है।

त्वचा को बनाये ग्लोइंग

यह एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा के फ्री रेडिकल्स डैमेज को कम करके झुर्रियों को दूर करता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा की रंगत धीरे-धीरे निखरती जाती है और साथ ही चेहरा लम्बे समय तक जवान बना रहता है।

टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करती है

शिलाजीत में पाया जाने वाला मैग्नीशियम खून में ग्लूकोस के लेवल को कण्ट्रोल करता है। टाइप 2 डायबिटीज के मरीज इसका सेवन अपनी शुगर को नियंत्रित करने के लिए कर सकते हैं।

मस्तिष्क को करे तेज

शिलाजीत हमें दिमागी स्थिरता प्रदान करती है। काम में मन न लगना, दिमाग में फिजूल के ख्याल चलना या कंसंट्रेशन में कमी आने जैसी दिक्क्त इसके इस्तेमाल से पूरी तरह दूर हो जाती है। इसके सेवन से मनुष्य के सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है और साथ ही चीजों को याद रखने की क्षमता का भी विकास होता है।

शिलाजीत के साइड-इफ़ेक्ट

सीमित मात्रा में या देश, काल और मनुष्य के शरीर के बल के अनुसार यदि शिलाजीत का सेवन कराया जाए तो इसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं होता। यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में करेंगे तो ये आपके शरीर को हानि हुन्चा सकती है।

  • अधिक मात्रा में सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे आपको पित्त में परेशानी पैदा होने लगती है।
  • शरीर में आयरन की मात्रा अगर अच्छी है तो भी इसका सेवन न करें क्यूंकि इसमें भी आयरन अधिक मात्रा में होता है जिससे आपको साइड-इफ़ेक्ट हो सकता है।
  • कभी-कभी किसी व्यक्ति को शिलाजीत का सेवन करने से एलर्जी हो सकती है, जैसे खुजली, मिचली, सिर में दर्द और पेट में दर्द हो सकता है।

शुद्ध शिलाजीत की पहचान कैसे करें?

अंगारे पर डालने पर शिलाजीत से धुआं नहीं निकलता है और वह ऊपर की ओर लिंग के आकर का हो जाता है। तिनके से जल में डालने पर वह नीचे जाकर गलता है और डोरे जैसे तंतु छोड़ता है।

शिलाजीत की प्रयोग विधि

शिलाजीत का प्रयोग तीन प्रकार का होता है –

  1. पर – बिना किसी व्यवधान के 7 सप्ताह तक प्रयोग करना ‘पर’ है।
  2. मध्य – लगातार 3 सप्ताह तक प्रयोग करना ‘मध्य’ कहलाता है।
  3. अवर – 1 सप्ताह तक लगातार प्रयोग करना ‘अवर’ (न्यूनतम) है।

तीन प्रकार के प्रयोग बतलाने से तातपर्य यह है कि बलवान और बहुदोष व्यक्ति 7 सप्ताह, मध्यबल एवं मध्यदोष व्यक्ति 3 सप्ताह और अल्पबल एवं अल्पदोष व्यक्ति 1 सप्ताह तक शिलाजीत का सेवन करें।

शिलाजीत की मात्रा उम्र के अनुसार

शिलाजीत की तासीर गर्म होती है इसलिए देश, काल और मनुष्य के शारीरिक बल के अनुसार ही दी जानी चाहिए।

18-50 वर्ष तक के व्यक्ति के लिए – चावल के दाने से थोड़ी-सी ज्यादा मात्रा की गोली बना लें और उसे दूध के साथ लें।

50 वर्ष से ऊपर – चावल के दाने के बराबर मात्रा की गोली दूध के साथ लें।

12-18 वर्ष के बीच – चावल के आधे दाने के बराबर मात्रा का सेवन करें।

12 वर्ष से कम बच्चों को इसका सेवन न कराएं या किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से पूछकर ही इसका सेवन कराएँ।

कुछ सामान्य प्रश्न

प्रश्न- क्या महिलाओं के लिए भी शिलाजीत फायदेमंद है?

जी हाँ, महिलाओं में पीरियड्स से जुडी प्रॉब्लम जैसे कम या ज्यादा ब्लीडिंग होना, पेट में ऐंठन या दर्द होना अथवा अनियमित मासिक धर्म की समस्या शिलाजीत के इस्तेमाल से खत्म हो जाती है। जिन महिलाओं को इनफर्टिलिटी या सेक्सुअल कमजोरी की शिकायत है, उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

प्रश्न- क्या शिलाजीत वजन बढ़ाने में उपयोगी है?

शिलाजीत के सेवन से कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं दूर होती हैं। ये वीर्यवर्धक और बलवर्धक है। इससे वजन भी बढ़ता है, आप 1 सप्ताह के प्रयोग से ही इसका लाभ उठा सकते हैं।

प्रश्न- शिलाजीत किस समय खाना चाहिए?

थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए इसका सेवन सुबह पानी के साथ कर सकते हैं। और रात के समय दूध के साथ भी इसका सेवन उपयोगी है।

प्रश्न- किस ब्रांड का शिलाजीत बेस्ट है?

शिलाजीत सेमि लिक्विड फॉर्म में या सॉलिड फॉर्म वाली ही खाएं। कैप्सूल न खाएं क्यूंकि चरक संहिता में कैप्सूल का कहीं जिक्र नहीं किया गया है। बेस्ट ब्रांड पतंजलि, upakarma ayurveda, kapiva himalayan ayurveda हैं। आप इनमें से किसी ब्रांड की शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं।

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