Jaundice Treatment at Home Hindi

पीलिया रोग का घरेलू इलाज क्या है और इसके होने पर कैसा भोजन करना चाहिए | Jaundice Treatment at Home Hindi

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पीलिया रोग का घरेलू इलाज क्या है और इसके होने पर कैसा भोजन करना चाहिए | Jaundice Treatment at Home Hindi

गर्मियों के मौसम में इम्युनिटी कम हो जाती है क्यूंकि इन दिनों जठराग्नि मंद पद जाती है। इस कारण रोग होने की संभावना बढ़ जाती है, जिसमें से एक है पीलिया जिसे jaundice भी कहते हैं। वैसे तो पीलिया अपने-आप में एक लक्षण है। ये लिवर में होने वाली समस्या के कारण होता है। समय पर इसका इलाज न किया जाए तो ये खतरनाक भी हो सकता है।

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पीलिया क्या है और क्यों होता है?

जब त्वचा, आँखे और नाख़ून पीले हो जाएँ तो उस स्थिति को पीलिया कहा जाता है। लेकिन अगर हम टेक्निकल शब्दों में कहें तो बॉडी में bilirubin की मात्रा बढ़ जाए तो शरीर में पीलापन आ जाता है।

Bilirubin क्या होता है?

Bilirubin एक पिग्मेंट होता है जो ब्लड में होता है। यदि ये एक particular level से ऊपर निकलता है तो आँखों में पीलापन आता है अथवा चेहरे एवं चमड़ी भी पीली हो जाती है। ये एक तरह का लक्षण है।

Bilirubin की मात्रा बढ़ती क्यों है?

जैसा कि हम जानते हैं कि लिवर हमारे बॉडी के टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है मतलब हमारे शरीर की गंदगी को बाहर निकालता है। ये bilirubin के फॉर्म में शरीर से बाहर निकालने की कोशिश करता है, तो जब भी लिवर में कोई भी समस्या बिलीरुबिन बढ़ता है जिससे पीलिया की समस्या होती है।

पीलिया होने के कारण और लक्षण

आइये अब जानते हैं किन कारणों से पीलिया होता है और इसके लक्षण क्या हैं –

स. पीलिये के कारण पीलिया के लक्षण
1दूषित पानी पीने के कारण भूख कम लगना
2हेपेटाइटिस A और हेपेटाइटिस E की वजह से आँखें, त्वचा का पीला होना
3ज्यादा शराब पीने से लिवर में खराबी होती है और पीलिया होता है उल्टी, मतली होना
4लम्बे समय तक दवाइयों का सेवन करते रहने से भी लिवर डैमेज होता है और jaundice हो जाता है हल्का बुखार आना
5पित्ताशय में पथरी होने के कारण भी पीलिया हो सकता है पेट दर्द होना
6अग्नाशय ग्रंथि का कैंसर होने की वजह से दस्त लगना
7लाल रक्त कणिकाएं जब ज्यादा मात्रा में टूटती हैं कमजोरी आना
8खुजली की समस्या होने लगती है
9मल का रंग भी सफेद हो जाता है

पीलिया होने पर सबसे पहले क्या करें?

यदि आपको पीलिया के लक्षण नजर आ रहे हैं तो आपको सबसे पहले चिकित्सक को दिखाना चाहिए। क्यूंकि वो इससे संबंधित सारे टेस्ट करके ये बता देंगे कि आखिर किस वजह से पीलिया हुआ है। देखिये अगर पीलिया हेपेटिटिस A या C की वजह से हुआ है तो एक बार आता है और वापिस चला जाता है। यदि हेपेटिटिस B की वजह से पीलिया हुआ है तो ये chronic होता है और लिवर cirrhosis भी कर सकता है। इसलिए यही ध्यान देना है कि पीलिया किस कारण से हुआ है। ये आपको एक डॉक्टर ही अच्छे से बता पायेगा।

पीलिया का आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपचार (Jaundice Treatment at Home Hindi)

पीलिया के जो परम्परागत घरेलू नुस्खे हैं वो बहुत ही प्रभावशाली हैं जैसे –

एरण्ड के पत्तों का रस

एरण्ड के पत्तों को कूटकर उनका रस निकाल लें। फिर सुबह खाली पेट 3 से 5 चम्मच पीएं। इस नुस्खे को 3 से 5 दिन तक करें। जितना भी भयंकर पीलिया हो, इस प्रयोग से ठीक हो जाता है।

मूली से करें पीलिया का उपचार

मूली के पत्तों का रस 125 ग्राम लें और उसमें थोड़ी-सी चीनी मिला लें। सुबह खाली पेट पीलिया के रोगी को इसका सेवन कराएं। कुछ ही दिनों के प्रयोग से पीलिया दूर हो जाएगा।

टोटला और श्योनाक

बाबा रामदेव कहते हैं कि टोटला और श्योनाक की छाल का रस निकालकर 2-3 चम्मच पियें। ये पीलिया के साथ हेपेटाइटिस में लाभ प्रदान करता है।

सर्वकल्प क्वाथ

पतंजलि का सर्वकल्प क्वाथ का सेवन करें। यह पुनर्नवा, मकोय व भूमिआँवला को मिलाकर बना है। आप चाहे को घर पर इन तीनों को लेकर काढ़ा बना सकते हैं। इससे भी पीलिया शर्तिया ठीक हो जाता है।

नोट – इसे प्रयोग करने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

आक मदार की जड़ से करे पीलिया दूर

वैद्य आर निवास जी ने बताया – जिनको बार-बार पीलिया हो जाता है, बुखार बना रहता है वे आक मदार की जड़ का पाउडर कर आधा ग्राम को पानी के साथ सुबह खाली पेट सेवन करें। भयंकर पीलिया रोग में लाभ होगा।

आक की एक इंच की कोपल को पान के पत्ते में रखकर धीरे-धीरे चूसें, फिर एक घंटे बाद चना खा लें। चना खाने बाद पानी न पीएं। इससे भी पीलिया रोग दूर हो जाता है।

गन्ने का रस है पीलिया में रामबाण उपचार

पीलिया रोग में गन्ने का रस अमृत है। दिन में 2 गिलास गन्ने का रस पीएं, आप इसमें चावल के दाने के बराबर सकते हैं, इससे बहुत जल्दी पीलिया में आराम मिलेगा।

द्रोण पुष्पी से करें पीलिया छूमंतर

वैद्य आर निवास जी बताते हैं कि द्रोण पुष्पी के 4-5 पत्ते लेकर उसे अच्छे से कूटिये और उसे 30 मिनट तक ढककर रख दीजिये, उसमें थोड़ा सी नमि आ जाएगी फिर उसके बाद किसी साफ़ कपड़े से छानकर उसका रस निकाल लीजिये और पीलिया रोगी को पिलाये। इससे एक दिन में पीलिया ठीक हो जाएगा। इस औषधि को गुमा औषधि के नाम से भी जाना जाता है।

पीलिया होने पर क्या खाएं और क्या न खाएं

पीलिया रोग में हमें खाने-पीने में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आइये जानते हैं क्या खाएं और क्या न खाएं –

पहले जानते हैं क्या नहीं खाना चाहिए –

  • गरिष्ठ भोजन, तली हुई चीजें न खाएं।
  • शराब पीना बिल्कुल बंद कर दें।
  • जंक फ़ूड का सेवन न करें।
  • चाय, कॉफ़ी भी न पीएं या इसकी मात्रा बहुत कम करें।
  • बेकरी आइटम्स का प्रयोग न करें।
  • वाइट ब्रेड का सेवन न करें। आप ब्राउन ब्रेड ले सकते हैं।
  • कच्चे पपीते की सब्जी खाएं, बहुत लाभकारी है।

अब जानते हैं क्या खाना चाहिए –

  • पानी खूब पीएं।
  • छाछ का सेवन अवश्य करें।
  • पपीता भी पीलिया रोग बहुत उपयोगी है।
  • ताजे फलों का रस अवश्य पीएं।
  • टमाटर, गाजर और मूली का सेवन करें।
  • नाशपती, अंगूर आदि फलों को भी खा सकते हैं।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – पीलिया होने पर चिकित्सक कौनसे टेस्ट करता है?

उत्तर – सबसे पहले लिवर फंक्शन टेस्ट किया जाता है, इसके अलावा सोनोग्राफी बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही sgot और sgpt टेस्ट भी किये जाते हैं।

प्रश्न – क्या पीलिया होने पर हल्दी का सेवन करना चाहिए?

उत्तर – ये एक भ्रान्ति है कि पीलिया होने पर हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए। आप निश्चित होकर हल्दी का सेवन कर सकते हैं, इसका कोई नुकसान नहीं है।

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