Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi

टाइफाइड बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे | 7 Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi

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टाइफाइड बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi

सबसे खतरनाक बुखारों में से एक टाइफाइड बुखार है जिसे आयुर्वेद में सन्निपात ज्वर के नाम से जाना जाता है। टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित पानी, जूस आदि पीने से इसके होने का खतरा अधिक हो जाता है। टाइफाइड बुखार को ठीक करने के लिए आयुर्वेद में इसका रामबाण इलाज मौजूद है लेकिन उसके लिए रोगी को 1 महीने का समय देना होगा, क्यूंकि आयुर्वेदिक औषधियां इसे जड़ से खत्म कर देगी।

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टाइफाइड बुखार क्या है?

टाइफाइड बुखार को सन्निपात ज्वर, आंत्र ज्वर और दाने वाला बुखार इन नामों से भी जाना जाता है। यह त्रिदोषक ज्वर है मायने जब तीनों दोष (कफ, पित्त और वात) प्रकुपित हो जाएँ तो टाइफाइड होता है। इसे रोगी को कंठ से लेकर आँतों तक घाव हो जाते हैं। इसमें बुखार पहले एक हफ्ते में 104, दूसरे हफ्ते में 101, तीसरे हफ्ते में 99-100 तक बना रहता है। कुछ लोगों को कानों के नीचे सूजन भी आ जाती है।

टाइफाइड बुखार के लक्षण

कितना पुराना टाइफाइड बुखार है उस हिसाब रोगी में इसके लक्षण देखने को मिलते हैं। कुछ लोगों को बचपन से ही सन्निपात ज्वर हो जाता है, जिस कारण उनकी सेहत पूरी उम्र नहीं बन पाती।

स. लक्षण
1प्यास अधिक लगना
2सिर में पीड़ा होना
3पूरे शरीर में जलन होना
4मल और मूत्र रक्त वर्ण का आना
5कमजोरी महसूस होना
6चक्कर आना
7मूर्छा होना
8किसी काम में मन न लगना
9कंठ से लगातार अस्पष्ट कहराने की ध्वनि निकलना
10शरीर की त्वचा पर चकत्ते निकलना
11आँखों का लाल होना
12कानों में आवाज़ और दर्द होना
13जिह्वा पर सपर्श खुरदुरा मालूम होना

टाइफाइड बुखार को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार (Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi)

अब हम कुछ ऐसे प्रामाणिक और लाभकारी घरेलू और आयुर्वेदिक उपचारों (Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi) को साँझा करेंगे जिससे टाइफाइड बुखार जड़ से खत्म हो जाएगा।

मुनक्का करेगा टाइफाइड का जड़ से खात्मा

5 से 7 दाने मुनक्का के तवे पर सेक लें और उसमें सेंधा नमक और थोड़ी-सी काली-मिर्च लगाकर रात को सोने से पहले सेवन करें। इससे सन्निपात ज्वर ठीक हो जाता है, ये प्रमाणित प्रयोग है।

इसके अलावा आप 4-5 मुनक्के, 8-10 अंजीर और 1-2 gm खूबकला इन तीनों को सलवटे पर पीसकर चटनी बना लें। इसे सुबह-शाम दो बार खिलाएं। ध्यान रहे कि मुनक्के के बीज अवश्य निकाल लें और ये खुराक 18+ वालों के लिए है। बच्चों के लिए खुराक आधी कर दें।

लौंग

2 लीटर पानी में 5 लौंग के दाने डालकर अच्छे से उबाल लें, तब तक उबालना है जब तक पानी आधा न रह जाए। इसके पानी इसे छानकर रख लें और ठंडा होने दें। दिनभर में इस पानी को पूरा पीना है। ऐसा एक हफ्ता करने पर आपको टाइफाइड में बहुत लाभ होगा। शरीर में जो पीड़ा होती है उसे भी शांत करेगा।

मधुरांतक वटी और अमृतारिष्ट बहुत उपयोगी हैं टाइफाइड को ठीक करने में

मधुरांतक वटी दिन में तीन बार लगातार एक महीने तक सेवन करने से जड़ से बुखार चला जाता है और इसके साथ ही हमें अमृतारिष्ट भी दिन में एक बार जरूर सेवन करना चाहिए। क्यूंकि बुखार यदि ज्यादा है जैसे 102 या 103 तो खाली मधुरांतक वटी से काम नहीं चलेगा। इस आयुर्वेदिक प्रयोग से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक वैद्य से परामर्श अवश्य लें।

पंचभद्र क्वाथ और प्रवाल पिष्टी से होगा टाइफाइड बिखर का खात्मा

त्रिदोषज बुखार में पंचभद्र क्वाथ का उपयोग बहुत ही उपयोगी है। इसका एक चम्मच 1 गिलास पानी में डालकर उबालें और जब वो एक-तिहाई रह जाए तो उसे छानकर इसका सेवन करें। इसके साथ ही प्रवाल पिष्टी लगभग 350 mg मक्खन के साथ लें। इससे शरीर में थकावट, काम में मन न लगना और भ्रम पड़ना जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

तुलसी के पत्ते और काली मिर्च करेगी आंत्रज्वर को दूर

तुलसी की पत्तियों में ऐसे गुण पाए जाते हैं को शरीर से साड़ी गंदगी को बाहर निकालने में मददगार हैं। तुलसी की 7 पत्तियों का रस निकालें और उसमें चुटकी भर काली मिर्च डालें और अच्छे से मिला लें। लगातर 15 दिनों तक दिन में 2 बार इसका प्रयोग करें। ये आपकी बॉडी से इन्फेक्शन को दूर करके टाइफाइड बुखार (Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi) को ठीक कर देगा।

बबूल की छाल

बबूल की छाल 60 gm लें और इसे 2 गिलास पानी में अच्छे से उबालें। इसे तब तक उबालें जब तक पानी एक कप न रह जाए। फिर इसके बाद इसे छानकर इसमें काली मिर्च का चूर्ण मिला लें और ठंडा होने के लिए रख दें।

सेवन की विधि – इस काढ़े को सुबह और शाम भोजन करने से पहले पीना है।

आराम करें और गुनगुना पानी पीते रहें

आयुर्वेद के सिद्धांत के अनुसार टाइफाइड में रोगी को 1 हफ्ता पूरा आराम करना चाहिए और पानी पीते रहना चाहिए चाहे वो ors मिला के भी पी सकते हैं। इस एक हफ्ते तक अन्न का सेवन न करें। आप देखेंगे कि प्रकृति आपके अंदर के घावों को काफी हद तक ठीक कर देगी।

टाइफाइड में कैसा खान-पान रखना चाहिए?

टाइफाइड बुखार में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

टाइफाइड में कैसा खान-पान रखना चाहिए?

दिनचर्या में क्या बदलाव करें

अब बारी दिनचर्या में क्या बदलाव करने से टाइफाइड हमारा जल्दी पीछा छोड़ देगा। आइये जानते हैं –

  • टाइफाइड में स्नान बिलकुल नहीं करना चाहिए।
  • तौलिये को गीला कर के अच्छी तरह शरीर को पोंछ लें।
  • शौच और पेशाब करने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं।
  • नित्य कपड़ों को अवश्य बदलें।
  • माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं।
  • टाइफाइड में कमजोरी रहती है, इसलिए आराम करें।
  • ज्यादा भाग-दौड़ और मेहनत वाला काम न करें।
  • संक्रमित व्यक्ति अपना भोजन दूसरों को न दे।

कौनसे टेस्ट होते हैं जिससे पता चले कि टाइफाइड है या नहीं

आइये जानते हैं उन मेडिकल टेस्ट्स के बारे में –

  • CBC (complete blood count)
  • ELISA ब्लड टेस्ट
  • Multiple Blood Culture Test (इससे पहले कोई भी एंटीबायोटिक न खाएं)

निष्कर्ष

उपर्युक्त जितनी भी घरेलू और आयुर्वेदिक औषधियां (Home Remedies for Typhoid Fever Treatment in Hindi) बताई गयी हैं ये टाइफाइड बुखार को ठीक करने में कारगर हैं, लेकिन फिर भी आपको किसी अच्छे आयुर्वेदिक वैद्य से इन औषधियों का सेवन करने से पहले सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इसके साथ-साथ आप टाइफाइड की वैक्सीन भी ले सकते हैं।

कुछ सामान्य प्रश्न

प्रश्न – टाइफाइड बुखार कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

उत्तर – आयुर्वेद में टाइफाइड 1 से 2 महीने में पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसके लिये आपको खाने-पीने में कुछ परहेज करने होते हैं और अन्न का सर्वथा त्याग करना होता है सिर्फ 1 हफ्ते के लिए।

प्रश्न – क्या विडाल टेस्ट टाइफाइड की जांच करने में उपयोगी है?

उत्तर – Leo Tolstoy कहते हैं कि गलत धारणा गलत ही रहती है चाहे उसे कितने भी लोग सही क्यों न मानें। इसका मतलब ये है कि विडाल टेस्ट टाइफाइड की जांच में उपयोगी नहीं है क्यूंकि ये कई बार टाइफाइड न होते हुए भी +ve आ जाता है।

प्रश्न – क्या टाइफाइड बुखार में सिर के बाल भी झड़ने लगते हैं?

उत्तर – जी हाँ, टाइफाइड बुखार में सिर के बाल और यहाँ तक की भौंहों भी उड़ जाती हैं। जब ये स्थिति आ जाए तो समझिये टाइफाइड के बैक्टीरिया बॉडी में ज्यादा फ़ैल चुके हैं। ये एक गंभीर स्थिति है।

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