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Ovarian Cyst:ये 9 घरेलू उपाय करेंगे अण्डाशय की गाँठ को दूर | Home Remedies for Ovarian Cyst in Hindi

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Ovarian Cyst:ये 9 घरेलू उपाय करेंगे अण्डाशय की गाँठ को दूर Home Remedies for Ovarian Cyst in Hindi

महिलाओं में अण्डाशय की गाँठ एक बहुत ही आम समस्या है चाहे वो किसी भी उम्र की क्यों न हों और तो और ये समस्या मेनोपॉज़ के बाद भी देखने को मिल जाती है। छह में से एक महिला को ये समस्या देखने को मिल जाती है और लगभग हर महिला को किसी न किसी उम्र में इस समस्या का सामना करना पड़ता है।

क्या आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं या आपका कोई पहचान वाला इस समस्या से पीड़ित हो इस लेख में आपको ओवेरियन सिस्ट के बारे पूरी जानकारी दी जायेगी। सबसे पहले हम जानेंगे कि ओवेरियन सिस्ट होता क्या है?, इसके कितने प्रकार हैं और इसके कारण एवं लक्षण।

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ओवेरियन सिस्ट क्या होता है?

ओवेरियन सिस्ट मतलब अण्डाशय के अंदर गाँठ बन जाना। हर महिला के अंदर एक गर्भाशय होता है जिसके दोनों तरफ फॉलोपियन ट्यूबेस निकली होती हैं और उसी के पास होती हैं 2 ओवरीज़। कभी-कभी इन अण्डाशय के अंदर पानी या कोई फ्लूइड की तरह का पदार्थ इकठ्ठा हो जाता है और वह एक सिस्ट का फॉर्म ले लेता है और बन जाती है ओवेरियन सिस्ट। अब आगे जानते हैं इसके प्रकार –

ओवेरियन सिस्ट के प्रकार

ओवेरियन सिस्ट के प्रकार निम्नलिखित हैं –

  • फंक्शनल ओवेरियन सिस्ट- महिला के शरीर में हर महीने एक अंडा बनता है और वो फूट जाता है और ऐसे ही अगले महीने एक अंडा बनता है और फूट जाता है। कभी-कभी इस अंडे के बनने और फूटने की प्रोसेस में गड़बड़ी हो जाती है। इसी कारण कई बार फॉलिकल फूट नहीं पाता जिससे फॉलिक्युलर सिस्ट बनता है और कभी कभी अंडा फूट जाने के बाद उसमें पानी इकठ्ठा हो जाता है, इसे luteum cyst कहते हैं। इनका आकर 6 cm से ज्यादा नहीं होता।
  • ओवेरियन ट्यूमर-
ओवेरियन सिस्ट के प्रकार

चॉकलेट सिस्ट – ये कोई ट्यूमर नहीं है। जब गर्भाशय के अंदर का टिश्यू ओवरी में रहता है और वो हर महीने माहवारी में ब्लीड करता है, जिस वजह से अंडाशय में खून इकठ्ठा हो जाता है और ये चॉकलेट के रंग जैसा दिखने लगता है ,इसलिए इसे चॉकलेट सिस्ट कहा जाता है। इसे एंडोमेट्रिओसिस सिस्ट भी कहा जाता है।

अंडाशय में गाँठ के लक्षण

ओवेरियन सिस्ट क्यों होती है और इसके क्या-क्या लक्षण होते हैं। आइये जानते हैं –

स. लक्षण
1पेट के निचले हिस्से में दर्द होना या हमेशा भारीपन लगना
2कमर के निचले हिस्से में दर्द होना
3पेट फूलना और वजन बढ़ने लगता है
4मासिक धर्म से पहले और उस समय भी दर्द होता है
5खांसी या जोर से हंसने पर पेशाब निकल जाना
6सम्भोग क्रिया के दौरान दर्द होना
7मासिक धर्म का समय से पहले या समय के बाद आना
8उल्टी आना और जी मचलाना
9ज्यादा गंभीर स्थिति में पेल्विक रीजन में तेज दर्द होना और चक्कर आना

ओवेरियन सिस्ट को ठीक करने का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार (Home Remedies for Ovarian Cyst in Hindi)

आइये अब जानते हैं कुछ ऐसे घरेलू उपचार जो अंडाशय की गाँठ को जड़ से खत्म कर देंगे।

चूना हर किस्म की गाँठ को करेगा दूर

आयुर्वेद में माना जाता है कि चूना 70 बिमारियों को दूर करता है, जिसमें से एक शरीर में किसी भी हिस्से में होने वाली गाँठ भी है। मूंग की दाल के एक दाने के बराबर की मात्रा में चूना लें और उसे लस्सी में, दही में या पानी में मिला लें और सेवन कर लें। 15 दिनों तक नियमित प्रयोग करें और फर्क देखें।

सावधानी – चूना सीधा मुंह में या जीभ पर न लगाएं।

धनिया और आंवला पाउडर भी सिस्ट का करेगा खात्मा

धनिया और आंवला पाउडर भी ओवेरियन सिस्ट और रक्त प्रदर को ठीक करने में अति लाभदायक है। 2 चम्मच धनिया पाउडर और 1 चम्मच आंवला पाउडर 1 गिलास पानी में डालकर धीमी आंच पर पकाओ, जब पानी 1 कप शेष रह जाए तो नीचे उतारकर छान लो। सुबह खाली पेट और शाम को भोजन से एक घंटा पहले इसका सेवन करें।

नोट – इस नुस्खे को चूना वाले नुस्खे के साथ करें।

सिकाई करें

3 गिलास पानी में 1 चम्मच नमक डालें, फिर उसे 5 मिनट के लिए उबालें। उसके बाद उसे नीचे उतार लें और हल्का गर्म रह जाए तो उसमें कपड़ा डुबो दें और पेट के आसपास सभी जगह सिकाई करें। इस प्रोसेस को 3 महीने लगातार दिन में 2 टाइम करें।

अदरक और अजवाइन से होगा अण्डाशय का सिस्ट दूर

सामग्री –

  • अदरक – 1-2 इंच का टुकड़ा
  • अजवाइन – 1/4 चम्मच
  • जीरा – 1/4 चम्मच

अदरक को पहले अच्छे से कूट लें और फिर इन तीनों चीजों को 1 कप पानी में मिलाकर अच्छे से उबाल लें और आधा कप पानी शेष रहने पर इसे उतार लें। इसके बाद अपने स्वाद अनुसार इसमें नमक या शहद मिलाकर सेवन करें।

सेवन की विधि – सुबह और शाम भोजन करने के बाद इसका सेवन करें। साथ ही सिकाई भी करें, आप देखेंगे की अल्ट्रासाउंड में सिस्ट आएगा ही नहीं। 3 महीने प्रयोग अवश्य करें।

अशोक की छाल भी है ओवेरियन सिस्ट को खत्म करने में लाभकारी

सामग्री –

  • अशोक की छाल – 50 gm
  • कचनार की छाल – 50 gm
  • अलसी के बीज – 50 gm

इन सभी को अलग-अलग पीसना है और पाउडर को एकसाथ मिला लेना है। फिर एक चम्मच पाउडर लेकर 1 कप पानी में मिलाकर उबाल लें। जब आधा कप पानी शेष रह जाए तो उस पानी को छानकर पी लें।

सेवन का तरीका – सुबह और शाम भोजन के बाद इस पानी का सेवन करें। ये भी तीन महीने ही करें।

अरंडी तेल

आयुर्वेद में अरंडी के तेल को बहुत ही गुणकारी बताया गया है। इस तेल की मालिश नित्य अपने पेडू पर करिये और साथ में खाने-पीने की आदतों में कुछ सुधार लाइए। इससे भी ओवेरियन सिस्ट में काफी लाभ मिलेगा।

कपालभाति

कपालभाति शरीर के 99% रोगों को दूर करने में लाभकारी है। शरीर में कहीं भी गाँठ हो उसके लिए कपालभाति क्रिया योग बहुत ही उपयोगी है। यहाँ तक कि कपालभाति द्वारा ब्रेन ट्यूमर तक को भी ठीक किया गया है। इसे नियमित करें और साथ में अनुलोम-विलोम भी करें।

ओवेरियन सिस्ट है इसके कौनसे टेस्ट किये जाते हैं?

ओवेरियन सिस्ट जो कैंसर वाले हैं, उसमें महिला को कोई ख़ास लक्षण दिखाई नहीं पड़ते बस हल्का पेट भारी महसूस होना या कभी कभी गड़बड़ी महसूस होना। इसके लिए 2 टेस्ट किये जाते हैं –

  1. सोनोग्रॉफी टेस्ट – अधिकतर केसेस में ओवेरियन सिस्ट सोनोग्राफी से पकड़ में आ सकती है।
  2. CA 125 Blood Test इससे पूरी तरह चिकित्सक sure हो जाते हैं कि जो ओवेरियन सिस्ट है वो कैंसर वाली ही है।

ओवेरियन सिस्ट में कैसी दिनचर्या और खान-पान होना चाहिए

हमारे खान-पान और दिनचर्या का हमारे स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है। कहते हैं जो व्यक्ति नित्य व्यायाम और सात्विक भोजन करता उसे कोई भी रोग नहीं छू सकता।

ओवेरियन सिस्ट में कैसी दिनचर्या और खान-पान होना चाहिए

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