Home Remedies for Drooling in Hindi

मुंह से ज्यादा लार गिरना क्या खतरे की निशानी है? इसके कारण और उपचार क्या हैं? | 7 Home Remedies for Drooling in Hindi

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मुंह से ज्यादा लार गिरना क्या खतरे की निशानी है? इसके लक्षण और उपचार क्या हैं? Home Remedies for Drooling in Hindi

वैसे तो मुंह की लार भूख को बढ़ाने में और भोजन के बाद संतुष्टि प्रदान करती है। परन्तु यदि ये हद से ज्यादा बन रही है और रात को सोते समय आपके सिरहाने पर गिरती है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। इतना अधिक लार का बनना कहीं न कहीं आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। पाचन तंत्र में गड़बड़ी और मुंह से सांस लेने की वजह से मुंह में लार बनने की समस्या अधिक होती है। लेकिन अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्यूंकि आपको ऐसे आसान और जबरदस्त घरेलू उपाय (Home Remedies for Drooling in Hindi) बताऊंगा जिससे मुंह में से अधिक लार गिरने की समस्या से आपको छुटकारा मिल जाएगा।

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मुंह में लार कैसे बनती है?

हमारे मुंह के अंदर मुख्य 3 लार ग्रंथियां होती हैं। लार ग्रंथियां वो हैं जो हमारे मुंह में सलाइवा को बनाती हैं। इन ग्रंथियों का नाम है – पैरोटिड ग्लैंड, सुबलिन्गुअल ग्लैंड और सब्मंडीबुलर ग्लैंड। 90% सलाइवा इन्हीं ग्लांड्स से आता है और 10% स्लाइवा मुंह के अंदर कुछ छोटी ग्रंथियां होती हैं वहां से आता है।

मुंह के अंदर अधिक लार बनने का क्या कारण है?

लार ग्रंथियों द्वारा बनाई गयी लार को हम स्वैलो रिफ्लेक्स द्वारा अंदर निगल जाते हैं। इसलिए लार हमारी मुंह से बाहर नहीं आती। ये जो लार ग्रंथियां हैं इन्हें कण्ट्रोल का काम करती है ANS (ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम), जब भी ये सिस्टम ज्यादा एक्टिव हो जाता है तो ये सैलाइवा को ज्यादा मात्रा में बनाता है और स्वैलो रिफ्लेक्स को कम कर देता है। इस वजह से सैलाइवा मुंह में इकठ्ठा होना शुरू हो जाता है और बाहर निकलने लगता है। इसके अन्य कारण भी हैं –

सोते समय मुंह से लार गिरने के कारण

लार तो दिन में भी बनती है लेकिन उसे हम निगलते रहते हैं। लेकिन रात में –

स. कारण
1कुछ लोग मुंह से सांस लेते हैं इस कारण
2सोते समय चेहरे की मांसपेशियां भी काफी रिलैक्स होती हैं
3टॉन्सिल्स में जब सूजन आ जाये तब भी लार निकलती है
4यदि किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी हो और रात को खाकर सोएं हो
5एसिडिटी और वात बिगड़ा हुआ हो तो भी रात को लार निकलती है
6लम्बे समय उल्टा लेते रहने से या करवट लेते वक्त लार निकलने की समस्या ज्यादा होती है
7यदि गले का संक्रमण हुआ हो भी ये समस्या होती है

लार के कार्य (Functions of Saliva)

लार मुंह में बनना बहुत जरूरी है। इसके निम्नलिखित कार्य हैं। आइये जानते हैं –

  • भोजन को पचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है
  • भूख बढ़ाने में भी इसका अहम रोल है
  • लार में एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है। इसी कारण मुंह के अंदर हीलिंग तेजी से होती है
  • ये साफ़ बोलने में भी मदद करता है
  • खाने के दौरान दांतों में जो कुछ फस जाता है, लार उसे साफ़ करने में मदद करती है
  • लार शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करती है
  • शरीर में पानी की मात्रा को भी रेगुलेट करती है

मुँह से लार बंद करने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Drooling in Hindi)

रात को सोते समय यदि मुंह से लार गिरे तो तकिया खराब हो जाता है जो हमें स्वयं को भी अच्छा नहीं लगता और यदि ये लार फेफड़ों में चली जाए तो निमोनिया भी हो सकता है। इसलिए इसका घरेलू उपचार (Home Remedies for Drooling in Hindi) करना जरूरी है।

बर्फ की टुकड़ी - सोने से पहले आइस क्यूब को मुंह में रखकर कुछ देर चूसें। इससे भी अधिक मात्रा में सैलाइवा बनना बंद होगा। 
आड़ू के पत्ते - आड़ू के पत्तों को अच्छे से कूटकर उनका रस निकाल लें और इस रस का सेवन दिन में 2 बार करें। इससे भी मुंह में अधिक लार की समस्या का अंत होगा। 
अदरक - पेट में एसिडिटी होने की वजह से भी कई बार मुंह में अधिक सैलाइवा बनता है तो इसके लिए अदरक की चाय का सेवन करें या अदरक को मुंह में रखकर चूसते रहें। 
दालचीनी और शहद - शहद गले के लिए बहुत सूथिंग है। जब भी गले के संक्रमण की वजह से अधिक सैलाइवा बनता है तो आधा चम्मच दालचीनी को एक गिलास पानी में उबालकर अच्छे से छान लें और हल्का गुनगुना होने पर 1 चम्मच शहद मिला लें और इसका सेवन करें। 
तुलसी के पत्ते - श्यामा तुलसी के 3-4 पत्ते लें, इन्हें थोड़ा-सा हाथ से मसल लें या किसी चीज से कूट लें। फिर इसको गुनगुने पानी की सहायता से निगल जाएँ जैसे कोई दवा लेते हैं। तुलसी के अंदर एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह से पानी निकलना, अधिक लार आना और दांत दर्द जैसी समस्याओं को दूर करते हैं। इसमें ध्यान इतना दें कि तुलसी की पत्तियों को कभी भी चबाएं नहीं। क्यूंकि इसके अंदर मौजूद पारा दांतों के लिए हानिकारक होता है। 
आंवला और वायविडंग - आंवला का चूर्ण और वायविडंग का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर इसमें शहद मिला लें। फिर इस मिश्रण को रोगी को दें और उसे चाटने के लिए कहें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से मुंह से अधिक मात्रा में लार गिरना और खासतौर पर  लार गिरने की समस्या है, वह ठीक हो जायेगी। दिन में किसी भी समय इसका प्रयोग कर सकते हैं, रात को सोने से पहले भी। 
मूर्वा का चूर्ण - मूर्वा का चूर्ण (5 gm) को ठंडे जल के साथ लें। इससे मुंह में बनने वाला अधिक सैलाइवा और लार टपकने की समस्या से आपको छुटकारा ( Home Remedies for Drooling in Hindi) मिल जाएगा। 

रात के समय मुंह से अधिक लार न गिरे इसके लिए कैसा रहन-सहन रखना चाहिए

हम कुछ अपनी दिचर्या में सामान्य बदलाव करके भी drooling की समस्या से निजात पा सकते हैं –

  • रात को पेट के बल न सोएं
  • अच्छे से मुंह साफ़ करके सोएं
  • सोते समय मुंह से सांस न लें
  • अधिक मीठा और तेज मिर्च-मसाले न खाएं
  • शराब का सेवन भी न करें

कुछ सामान्य प्रश्न

प्रश्न – बच्चों के मुंह से लार बहने के क्या कारण हो सकते हैं?

उत्तर – दो वर्ष तक के बच्चों के मुंह से लार बहना स्वाभाविक है। इसमें इतना घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन दो वर्ष के ऊपर के बच्चे यदि अधिक लार गिराते हैं तो हो सकता है उनके पेट में कीड़े हों, मुंह में छाले हों या दांत निकालने की प्रक्रिया चल रही हो।

प्रश्न – क्या किसी मानसिक बीमारी की वजह से भी मुंह से अधिक लार गिरती है?

उत्तर – जी हाँ, यदि आपको एंग्जायटी की शिकायत है तो आपके मुंह से अधिक लार गिर सकती है। बड़े उम्र के लोगों में इस समस्या को ज्यादा पाया जाता है। इसका इलाज फिर दुसरे तरिके से किया जाता है।

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