Monday, May 23, 2022
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प्रेगनेंसी में कब्ज़ दूर करने का घरेलू उपाय | Home Remedies for Constipation in Pregnancy in Hindi

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Home Remedies for Constipation in Pregnancy in Hindi प्रेगनेंसी में कब्ज़ दूर करने का घरेलू उपाय

वैसे तो गर्भावस्था में कब्ज़ होना आम बात है लेकिन ज्यादातर ये दिन में सोने की वजह से होती है। अपने-आप को दिन में किसी न किसी काम में व्यस्त रखें जैसे कुकिंग, सिलाई-बुनाई आदि। इसके अलावा प्रोजेस्ट्रोन के बढ़ने के कारण भी कब्ज़ की समस्या हो जाती है क्यूंकि इसके बढ़ने से आँतों की मूवमेंट बहुत कम हो जाती है, जिससे भोजन बहुत-ही धीमी गति से आगे बढ़ता है और कब्ज़ की समस्या उत्त्पन्न करता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए आप सरल घरेलू उपायों का प्रयोग करें जो आगे हम आपको बताने जा रहे हैं।

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प्रेगनेंसी में कब्ज़ क्यों होती है?

प्रेगनेंसी में कब्ज़ होर्मोनेस में बदलाव होने कारण होती है। इसके अलावा अन्य भी कई कारण हैं जैसे –

प्रेगनेंसी में कब्ज़ दूर करने का घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation in Pregnancy in Hindi)

प्रेगनेंसी में पेट साफ़ न होने के कुछ आसान और चमत्कारी घरेलू उपाय हैं जो आपको जरूर अपनाने चाहिए। आइये जानते हैं –

छाछ

छाछ में बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो गर्भावस्था के दौरान पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करते हैं। इसके साथ ही इसके सेवन से मल नर्म रहता है और कब्ज़ जैसी समस्या नहीं होती। छाछ में सेंधा नमक और जीरा डालकर दोपहर के भोजन के साथ सेवन करें।

हरड़ का मुरब्बा

हरड़ के मुरब्बे के सेवन से कब्ज़ की समस्या दूर होती है। आपको रात को सोते समय एक हरड़ के मुरब्बे का सेवन करना है और आप देखेंगी कि सुबह आपका पेट अच्छे से साफ होगा। बस इसका प्रयोग एक या दो बार ही करना है।

गुलकंद

जिन महिलाओं का शरीर गर्म रहता है उनके लिए गुलकंद का सेवन अत्यंत लाभकारी है। क्यूंकि इसमें शरीर को ठंडा रखने के प्राकृतिक गुण मौजूद होते हैं और साथ ही इसका एक चम्मच दूध के साथ लेने से कब्ज़ और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।

मुनक्का

जिन महिलाओं का शरीर ठंडा रहता है, उन्हें मुनक्के का सेवन करना चाहिए। मुनक्के में फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं जो पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं और पेट में मौजूद पानी को सोखकर कब्ज़ की समस्या को खत्म करता है। 2 से 7 बीज निकले मुनक्के रात को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह अच्छे से चबा-चबाकर खाएं। इसके अलावा दूध में उबालकर भी ले सकते हैं।

अंजीर

गले में दर्द और सूजन को दूर करने के लिए अंजीर जितनी लाभकारी है, उतनी ही गर्भावस्था में कब्ज़ को दूर करने के लिए भी उपयोगी है। इसके साथ ही हड्डियों की मजबूती और हाई बीपी को नियंत्रित करने में भी अत्यंत फायदेमंद है। ज्यादा ठंड में दो अंजीर दूध में उबालकर लें और गर्मियों में पानी में भिगोकर सुबह चबाकर-चबाकर खाएं।

मुलहठी

खांसी की समस्या को दूर करने के लिए तो आप सभी मुलेठी का प्रयोग करना जानते ही हैं। लेकिन प्रेगनेंसी में पेट साफ़ न होने में भी मुलेठी के चूर्ण को दूध के साथ लेने से ये समस्या दूर की जा सकती है।

गर्भावस्था में कब्ज़ की रोकथाम के लिए आहार

आप अपने आहार में कुछ बदलाव करके भी गर्भावस्था के दौरान होने वाली कब्ज़ की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आइये जानते हैं आहार में क्या शामिल करें –

  • मक्खन मिश्री का सेवन करें
  • गुनगुना पानी पीएं
  • आहार में फाइबर शामिल करें
  • विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं
  • सर्दियों में खजूर का सेवन करें
  • दही को मथकर रायता बनाकर खाएं
  • दलिया भी कब्ज़ को भगाने में उपयोगी है
  • सेब का सेवन अवश्य करें
  • दालें प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती हैं, इनका सेवन अवश्य करें
  • आलू बुखारे का रस भी उत्तम है

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान कोई भी प्रयोग करने से पहले एकबार अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें। क्यूंकि हर महिला का शरीर अलग प्रकृति का होता है और वे किस देश में रह रही है, वहां के मौसम के अनुकूल ही चिकित्सक उसे खान-पान की भी सलाह देता है।

कुछ सामान्य प्रश्नोत्तर

प्रश्न – प्रेगनेंसी में कब्ज़ की समस्या कब तक रहती है?

उत्तर – गर्भवती स्त्री को आठवें महीने में उदावर्त होने के कारण मलावरोध हो जाता है। लेकिन कई बार प्रेगनेंसी की शुरुआत में भी कब्ज़ की समस्या हो जाती है।

प्रश्न – प्रेगनेंसी में कौनसी सब्जी नहीं खानी चाहिए?

उत्तर – पहली तिमाही में – बैंगन, करेला, कटहल नहीं खाना चाहिए।

प्रश्न – प्रेगनेंसी में कितना आराम करना चाहिए?

उत्तर – गर्भावस्था के दौरान आपको अपना पूरा ख्याल रखना चाहिए। 7-8 घंटे की गहरी शिशु के लिए अति उत्तम है। बस ध्यान इतना रखें कि दिन के समय न सोएं।

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