Tuesday, October 4, 2022
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त्वचा पर छपाकी होना, इसके कारण और लक्षण एवं इसका घरेलू उपचार | 7 Home Remedies for Chapaki Allergy in Hindi

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Skin Allergy : त्वचा पर छपाकी होना, इसके कारण और लक्षण एवं इसका घरेलू उपचार 7 Home Remedies for Chapaki Allergy in Hindi

मानव शरीर के संवेदनशील अंगों में से एक त्वचा भी है। त्वचा की एलर्जी जैसे छपाकि, फोड़े-फुंसी होना आम बात है, लेकिन जब ये हद से ज्यादा बढ़ जाए तो जीना मुश्किल कर देती है। छपाकि के कारण त्वचा लाल हो जाती है और उसपर गोल-गोल चकत्ते भी हो जाते हैं तथा खुजली तो करा देती है।

क्या आप भी परेशान हैं छपाकि से?, क्या आपको भी बार-बार त्वचा पर लाल दाने और चकत्ते हो जाते हैं? और क्या जब तक दवाई लो तक तक ठीक उसके बाद फिर हो जाते हैं? इन सभी दिक्कतों का हल आपको इस लेख में मिलेगा। लेकिन उससे पहले जानेंगे कि छपाकि है क्या? इसके कारण और लक्षण क्या हैं और अंत में जानेंगे छपाकी का घरेलू इलाज (Home Remedies for Chapaki Allergy in Hindi) जो छपाकि की समस्या से राहत दिलाएगी?

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Table of Contents

छपाकि क्या है? (chapaki kya hoti hai)

छपाकि (chapaki disease in hindi) को Urticaria भी कहा जाता है और आयुर्वेद में इसे शीतपित्त कहते हैं। हमारा इम्यून सिस्टम उन सभी बैक्टीरिया और वायरस से लड़ता है जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हैं। लेकिन कई बार हमारा इम्यून सिस्टम ऐसे हार्मलेस पदार्थ के साथ लड़ता है जो शरीर के लिए हानिकारक नहीं होते, उन्हें एलर्जेन कहते हैं। फिर ये एलर्जी के रूप में हमें दिखाई देती है।

छपाकि के कारण और शीतपित्त के लक्षण

कई बार कुछ खाद्य पदार्थों से भी हमें एलर्जी हो सकती है। वैसे इसके और भी बहुत से कारण हैं और साथ ही लक्षण भी। आइये जानते हैं –

स. कारण लक्षण
1वायु प्रदूषण के कारण गोल-गोल लाल चकत्ते होना
2बाहर का तला-भुना भोजन खाने से बहुत ज्यादा खुजली होंना
3रात को अधिक देर तक जागने से कई बार खुजाते-खुजाते खून भी आ जाता है
4किसी पर्टिकुलर खाद्य-पदार्थ से जैसे डेरी प्रोडक्ट्स आदि ज्वर भी हो जाता है
5मौसम के बदलने से भी एलर्जी होती है अधिक खुजली होने से बेचैनी भी होने लगती है
6ज्यादा धूप में घूमने या खेलने से काम करने का बिल्कुल मन नहीं करता
7दवाओं के साइड-इफ़ेक्ट से
8पित्तवर्धक आहार का अधिक सेवन करने से
9ठंडी हवा के सम्पर्क में आने से भी कुछ लोगों को एलर्जी हो जाती है

छपाकि को ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Chapaki Allergy in Hindi)

छपाकि का इलाज घरेलू उपायों (chapaki ka ilaj in hindi) द्वारा मुमकिन है। आइये जानते हैं कुछ सरल उपाय –

कोकम करेगा छपाकि को दूर

कोकम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लैमटोरी गुण मौजूद होते हैं और साथ ही इसमें इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने वाले गुण भी होते हैं। त्वचा की एलर्जी को ठीक करने के लिए इसका प्रयोग ऐसे करें –

प्रयोग का तरीका – एक गिलास में 2-3 कोकम के टुकड़े लीजिये और इसके ऊपर 1 गिलास उबलता हुआ पानी डाल दें, फिर कुछ देर ठंडा होने के लिए ढक कर रख दें। जब पानी ठंडा हो जाए तो उसे छानकर पी लें। आप इसमें थोड़ी-सी शक्कर भी मिला लें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से इससे आपके शरीर पर हुए चकत्ते गायब हो जाएंगे और हाँ ये वेट लॉस में भी बहुत उपयोगी है।

देसी घी का ये प्रयोग करेगा स्किन एलर्जी को दूर

देसी घी और काली मिर्च दोनों के गुणों के बारे में जितना बताया जाए उतना कम है। इन दोनों के प्रयोग से ही हम अपनी स्किन एलर्जी को दूर कर सकते हैं। आइये प्रयोग का नुस्खा जानते हैं –

प्रयोग कैसे करें – एक कटोरी में 5 चम्मच देसी घी, 5 दाने काली मिर्च (पीसी हुई) और 5 चम्मच ही देसी खांड – इन तीनों को अच्छे से मिला लें और सेवन करें। ये नुस्खा बहुत से लोगों पर आजमाया हुआ है और प्रमाणित है। पहली बार के प्रयोग से ही आपको लाभ मिलेगा। इसे दिन में एक बार अवश्य खाएं।

गिलोय से chapaki treatment in hindi

ये तो हम सभी जानते हैं कि गिलोय हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने में कितना महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में भी गिलोय का सेवन करने से लोगों को स्किन रेशेस की समस्या में काफी लाभ मिला है।

प्रयोग का तरीका – 1 अंगुल गिलोय की मजबूत डंडी के 2 टुकड़े लें और उन्हें थोड़ा सा कूट लें। एक पैन में डालकर उसमें 4 कप पानी डालकर उबाल लें। फिर इसे छानकर 1 चम्मच मिश्री मिलाकर पी जाएँ। कुछ ही दिनों के प्रयोग से शीतपित्त की समस्या जड़ से खत्म (Home Remedies for Chapaki Allergy in Hindi) हो जायेगी।

मुलहठी करेगी शीतपित्त की समस्या का अंत

मुलहठी छपाकी का घरेलू इलाज करने में सक्षम है। इसके अंदर ग्लिसराइजिक एसिड, एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो घाव को भरने के लिए काफी समय पहले से प्रयोग की जा रही है। इसका प्रयोग निम्नलिखित तरीके से करने से छपाकि की समस्या का जड़ से खात्मा हो जाता है।

प्रयोग कैसे करें – मुलहठी को चंदन के पत्थर पर घिस लें और उसमें इतना देसी घी मिलाएं कि पेस्ट जैसा बन जाए। छपाकि पर 30 मिनट तक लगाएं, उसके बाद ताजे पानी से धो लें। ऐसा नित्य 30 दिन तक करें। छपाकि बिल्कुल ठीक हो जायेगी।

नारियल तेल और कपूर

100 ml नारियल के तेल में 10 gm कपूर मिलाकर कुछ देर रख दें। फिर छपाकि के कारण जब खुजली परेशान करे तो इस तेल को लगाएं। इससे खुजली तुरंत शांत हो जाती है और नियमित प्रयोग से छपाकि भी ठीक हो जाती है।

नागकेसर और शहद करेगा पित्ती का उछलना बंद

छपाकी का घरेलू इलाज करने के लिए 3 gm नागकेसर बारीक करके 12 gm शहद मिलाकर दिन में 3 से 4 बार चटाएं। इससे पित्ती का उछलना पूरी तरह बंद हो जाएगा। ये बहुत ही बहतरीन और आजमाया हुआ नुस्खा है।

नीम और तुलसी करेंगे छपाकि का अंत

तुलसी और नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, इसलिए आयुर्वेद में इन दोनों को बहुत ही अहम स्थान दिया गया है। ये दोनों ही सभी प्रकार के चरम रोगों को दूर करने के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। आइये इसका प्रयोग करने का तरीका समझते हैं।

प्रयोग का तरीका – कुछ नीम की पत्तियां और थोड़ी-सी मात्रा में तुलसी की पत्तियां पानी मिलाकर पीसकर उबटन तैयार कर लें और फिर इस उबटन को छपाकि वाले स्थान पर लगाएं और उसके 10-15 मिनट बाद मूली डालकर उबले हुए पानी को ठंडा करने के पश्चात स्नान कराएं। इस प्रयोग से सभी प्रकार के चरम रोगों में लाभ मिलता है।

छपाकि में खाने-पीने में क्या परहेज करना चाहिए

भोजन सम्बन्धी कुछ आदतों में सुधार करने से आप अपनी छपाकि को कण्ट्रोल कर सकते हैं और जल्दी ठीक भी कर सकते हैं। कुछ ऐसे खाद्य-पदार्थ होते हैं जो छपाकि को बढ़ाते हैं। हमें उन पदार्थों को सर्वथा त्यागना चाहिए।

  • तला-भुना, मिर्च-मसाले और जंक फ़ूड का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
  • शराब और धूम्रपान भी न करें।
  • शिमला मिर्च, बैंगन, अण्डा और मांसाहार का सेवन न करें।
  • जो भोजन बासी हो गया हो उसे भी न खाएं।
  • खट्टे पदार्थ का सेवन भी निषिद्ध है।

सावधानियां जिससे स्किन एलर्जी से बचा जा सके

हमें अपने जीवन कुछ सावधानियां रखनी चाहिए जिससे छपाकि जैसा त्वचा रोग हो ही न। आइये जानते हैं वो सावधानियां क्या हैं –

  1. कड़कती धूप में बाहर निकलने से बचें।
  2. बाहर से एकदम आकर ठंडा पानी न पीएं।
  3. धूल-मिटटी वाले स्थान पर अधिक देर न रुकें।
  4. तैलाभ्यंग अवश्य करें।
  5. ऐसी किसी भी चीज का सेवन न करें जिससे आपको एलर्जी हो।
  6. स्किन एलर्जी होने पर बार खुजली न करें, इससे खारिश ज्यादा होगी।
  7. खुशबूदार साबुन की बजाय किसी अच्छे एंटीसेप्टिक साबुन का प्रयोग करें।
  8. बदन पोंछते हुए ज्यादा रगड़कर तौलिये का प्रयोग न करें।
  9. कब्ज़ न होने दें।
  10. हमेशा साफ़-सुथरे कपड़े ही पहनें।

कौनसे ब्लड टेस्ट करवाने चाहिए एलर्जी होने पर

डॉक्टर इस विषय में कहते हैं कि यदि एलर्जी को 2 हफ्तों से ज्यादा का समय हो गया है तो आपको कुछ निनलिखित ब्लड टेस्ट अवश्य करवाने चाहिए –

  • CBC(FOR THYROID)
  • S.TSH
  • S.VITB12(VITAMIN B12)
  • S.CREATININE(FOR LIVER)
  • S.SGPT(KIDNEY)

यदि इन सभी टेस्ट्स की रिपोर्ट नार्मल आती है तो समझ लीजिये कि आपकी स्किन एलर्जी जो है वो जल्दी ठीक हो जायेगी। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।

निष्कर्ष

chapaki ka gharelu ilaj करने के लिए उपर्युक्त नुस्खे काफी प्रभावशाली हैं। आपको इन्हें अवश्य आजमाना चाहिए लेकिन आप पहले अपने चिकित्सक से एकबार सम्पर्क जरूर कर लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – छपाकि होने पर कौनसी गोली लेनी चाहिए?

उत्तर – कई बार एकदम एलर्जी के कारण होंठ और आँखें सूज जाती हैं और इंसान घबरा जाता है। इसके लिए आपको एविल 25 mg की गोली लेनी चाहिए, इससे आपको तुरंत ही आराम आ जाएगा। लेकिन इसके बाद सुस्ती आ जाती है और ऐसा लगता है बहुत जोर से नींद आ रही है।

प्रश्न – क्या एलर्जी का पूर्णतया से इलाज किया जा सकता है? (chapaki ka ilaj in hindi)

उत्तर – आयुर्वेद में एलर्जी का पूरी तरह इलाज सम्भव है। अविपत्तिकर चूर्ण और संकूल चूर्ण ऐसी औषधियां हैं जो पित्ती को जड़ से खत्म कर देती हैं।

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