Sunday, October 2, 2022
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Risk! क्या erectile dysfunction के लिए दवाओं के सेवन नेत्र ज्योति कम होती है?

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Risk! क्या erectile dysfunction के लिए दवाओं के सेवन नेत्र ज्योति कम होती है?

वियाग्रा या अन्य नपुंसकता की दवाओं का सेवन करने से आपके गुप्तांग में रक्त संचार बढ़ जाता है लेकिन वैज्ञानिकों ने अपने नए शोध में ये पाया है कि इन दवाओं के सेवन से आँखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ज्यादा चिंता की बता ये है कि इससे आँखों की रोशनी जा सकती है और व्यक्ति अँधा तक हो सकता है।

Mahyar Etminan, ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय, कनाडा में एक नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं और अन्य शोधकर्ताओं द्वारा किये गए अध्ययन में ये बात सामने आई है कि लगातार ED की दवाओं का सेवन करने से 80-85% तक आँखों की ज्योति जा सकती है और भविष्य में अंधापन भी हो सकता है।

USA के स्वास्थ्य बीमा डाटा का किया विश्लेषण

2,13,000 अमेरिकन पुरुषों के स्वास्थ्य बीमा डाटा का विश्लेषण शोधकर्ताओं द्वारा किया गया और जिसमें ये पाया गया कि वियाग्रा या अन्य ED की दवाओं के प्रयोग से पहले उन्हें किसी प्रकार की दृष्टि समस्या नहीं थी। फिर इसके उन्होंने ये मिलाप किया कि कितने लोगों को दवा के सेवन के बाद तकलीफ हुई और कितनों को नहीं।

अंत में नतीजा ये रहा कि रेटिनल डेटेचमेंट का जोखिम 2.5 गुना बढ़ गया। ये एक ऐसी स्थिति है जो रेटिना के अलावा अन्य कई नसों में रूकावट पैदा करती है। इन नसों का कार्य ऑक्सीजन और अन्य जरूरी पोषक तत्व आँखों तक पहुंचाने होते हैं।

JAMA Opthalmology जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में प्रकाशित इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि वियाग्रा, स्तम्भन दोष से संबंधित समस्याओं का इलाज करने वाली दवा रेटिना डिटेचमेंट और ION जैसी विकृति से संबंधित है।

दूसरी तरफ Ischemic Optic Neuropathy (ION) भी एक गंभीर स्थिति है, जब रक्त आपकी आँख की ऑप्टिक तंत्र में ठीक से प्रवाहित नहीं होता, जिससे तंत्रिका को काफी नुकसान होता है। इस स्थिति में आप अचानक अपनी एक या दोनों आँखों की स्थिति खो देते हैं।

लगभग 64 वर्ष की आयु में, जिन पुरुषों ने समस्याओं की सूचना दी थी, उनमें से किसी को भी वियाग्रा का प्रयोग करने से पहले आँखों की समस्या नहीं थी।

रेटिनल डिटेचमेंट क्या है?

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि आपकी दृष्टि को स्थायी रूप से प्रभावित करने से बचाना है तो रेटिनल डिटेचमेंट का इलाज तुरंत करवाना चाहिए। इस स्थिति में आँख के पीछे की सबसे पतली परत अलग हो जाती है।

आखिर किस कारण वियाग्रा आँखों रोशनी प्रभावित करती है?

वियाग्रा जेनिटल्स में खून के प्रवाह को तो बढ़ा देती है परन्तु उसके बदले में phosphodiesterase 5 नामक एन्ज़ाइम को बंद कर देती है। जिस वजह से दवा रेटिना की कोशिकाओं से संबंधित एन्ज़ाइम के साथ हस्तक्षेप भी करती है। ज्यादा मात्रा में सेवन से रेटिना को परमानेंट नुकसान पहुंच सकता है।

वियाग्रा टेबलेट के प्रयोग (Viagra Tablet Uses in Hindi)

वियाग्रा स्तंभन दोष को ठीक करने के लिए प्रयोग में लायी जाती है। लेकि हाल ही में हुए शोध में इसके अधिक सेवन से आँखों की रोशनी पर खतरा हो सकता है, ऐसा सामने आया है। इसे प्रयोग करने का तरीका –

इसे सेवन करने से पहले हमेशा चिकित्सक से सम्पर्क अवश्य करें। वैसे इसकी एक गोली पानी के साथ ली जाती है सम्भोग करने से एक घंटा पहले। दिन में एक गोली से ज्यादा सेवन न करें।

जो लोग ज्यादा वसायुक्त भोजन करते हैं, हो सकता उन्हें ये गोली अपना असर दिखाने में समय लगाए।

खुराक पूरी तरह आपकी मेडिकल कंडीशन के ऊपर निर्भर करती है। इसलिए इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से सम्पर्क करें और उन्हें बतायें कि आप दिनभर क्या खाते-पीते हैं।

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