Sunday, October 2, 2022
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डिलीवरी के बाद कब्ज़ से हैं परेशान तो प्राचीन घरेलू नुस्खे अपनाएँ | 7 Indian Home Remedies for Constipation after Delivery in Hindi

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डिलीवरी के बाद कब्ज़ से हैं परेशान तो प्राचीन घरेलू नुस्खे अपनाएँ Indian Home Remedies for Constipation after Delivery in Hindi

हृदय रोग और डिप्रेशन के बाद यदि भारत में कोई सबसे बड़ी समस्या है तो वो है कब्ज़ की। इसी की वजह से अन्य कई रोग शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं। इसलिए पेट रखना जरूरी होता है। ज्यादातर महिलाओं को डिलीवरी के बाद कब्ज़ की समस्या का सामना करना पड़ता है और कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या से पीड़ित रहती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे पानी कम पिया हो, आयरन की गोलियां या मल्टी-विटामिन्स की गोलियां ज्यादा खायी हों आदि। लेकिन भारतीय प्राचीन उपायों (Indian Home Remedies for Constipation after Delivery in Hindi) के द्वारा आप डिलीवरी के बाद कब्ज़ की समस्या से पूरी तरह निजात पा सकते हैं।

डिलीवरी के बाद कब्ज़ के कारण

डिलीवरी के बाद कब्ज़ के कई कारण हो सकते हैं। आइये जानते हैं –

स. कारण
1 हार्मोनल बदलाव के कारण
2 पानी की कमी की वजह से
3 मल्टी-विटामिन्स और आयरन के ज्यादा सेवन से
4 फाइबर-युक्त भोजन कम लेने से
5 बवासीर की समस्या से
6 मानसिक तनाव के कारण
7 सिजेरियन डिलीवरी के बाद बोवेल मूवमेंट स्लो हो जाती है

डिलीवरी के बाद कब्ज़ का इलाज (Indian Home Remedies for Constipation after Delivery in Hindi)

डिलीवरी के बाद माँ को अपने शिशु को स्तनपान कराना होता है। इसलिए घरेलू उपाय इसमें ज्यादा असरदार होते हैं –

उबला हुआ पानी

डिलीवरी के बाद महिला को ठंडा पानी बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। नार्मल डिलीवरी के कुछ घंटे बाद आप पानी को को उबालकर उसे छान लें और उसे कुछ देर रख दें। जब वो हल्का गुनगुना हो तो उसका सेवन करें।

सिजेरियन डिलीवरी के 12 घंटे बाद आप चिकित्सक की सलाह से पानी पीएं और वो भी गुगुणा पानी ही पीएं। कभी भी ठंडा पानी का सेवन न करें।

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विटामिन सी युक्त फल

मीठी मोसम्बी, मीठा संतरा और अंगूर एवं अनार महिला को खाना चाहिए या इनका रस निकालकर भी पी सकती हैं। इसमें भरपूर फाइबर होता है जो मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन शक्ति भी सुदृढ़ करता है। इसके साथ ही विटामिन सी होने से इम्युनिटी भी बेहतर होती है।

प्राकृतिक रेचक पदार्थ (Laxative)

प्राकृतिक रेचक पदार्थ आपके स्टूल को स्मूथली पास होने में मदद करते हैं। ये पदार्थ हैं – चाय, कॉफ़ी, नारियल पानी, अलसी के बीज आदि। ये आपकी बोवेल मूवमेंट को बेहतर करेंगे और कब्ज़ को दूर करने में मदद करेंगे।

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मालिश करवाएं

यदि नार्मल डिलीवरी हुई है तो 1-2 हफ्तों बाद आप मालिश करवाना शुरू कर दें। इससे पेट की दीवारों को ताकत मिलेगी , बोवेल मूवमेंट होगी और कब्ज़ में राहत मिलेगी।

अदरक की चाय

भूख को बढ़ाने और पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए अदरक की चाय का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि सिमित मात्रा में ही अदरक का प्रयोग करें नहीं तो सीने में जलन और पेट संबंधी दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है। डिलीवरी के बाद कब्ज़ को तोड़ने में ये काफी लाभकारी है।

सैर करें

नार्मल डिलीवरी में तो डॉक्टर आपको 3 दिनों बाद ही सैर करने को कह देगा लेकिन यदि सिजेरियन है तो 12-15 दिनों के बाद ही सैर करें। सैर करने से भूख भी लगेगी, ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा होगा और कब्ज़ में राहत भी मिलेगी।

एरंड का तेल

उदरगुहा के खाली पड़ जाने से पेट की पेशियों की शिथिलता से, बच्चा को जन्म देने वाली माँ कमजोर हो जाती है जिससे मल-मूत्र निकलने में दिक्क्त होती है। इसलिए कोष्ठशुद्धि के लिए एरंड का तेल (25 ग्राम) देने से मल-मूत्र विसर्जन आसानी से हो जाता है।

मल त्याग करने से पहले क्या करना चाहिए

मल त्याग करने से पहले आपको कुछ स्टेप्स को फॉलो करना चाहिए, जैसे –

मल त्याग करने से पहले क्या करना चाहिए

निष्कर्ष

उपर्युक्त सभी घरेलू उपाय बहुत ही फायदेमंद है। आपको इनका प्रयोग अवश्य करना चाहिए परन्तु आप पहले अपने चिकित्सक से परमर्श जरूर करें। बच्चे को स्तनपान कराना होता है, इसलिए घरेलू नुस्खे अधिक प्रभावशाली होते हैं।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – क्या मल त्यागते हुए दर्द भी होता है?

उत्तर – यदि आपको डिलीवरी के बाद बवासीर की तकलीफ हो गयी है तो हो सकता है आपको मल त्यागते हुए दर्द भी हो। लेकिन ये कुछ दिनों बाद अपने-आप भी ठीक हो जाता है।

प्रश्न – क्या दूध कब्ज़ को दूर करने में उपयोगी है?

उत्तर – जी बिल्कुल दूध में यदि आधा चम्मच देसी गाय का घी मिलाकर पीय जाए तो इससे आँतों को नर्माहट मिलती है जिससे मल निकलने में आसानी होती है।

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