Sunday, October 2, 2022
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दादी-नानी के ये नुस्खे new born baby को कोलिक पेन से दिलाएंगे राहत | Colic in Newborn Babies Home Remedies in Hindi

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Colic in Newborn Babies Home Remedies in Hindi दादी-नानी के ये नुस्खे new born baby को कोलिक पेन से दिलाएंगे राहत

बच्चे के जन्म लेने के दुसरे हफ्ते से लेकर लगभग चौथे पांचवें महीने तक बच्चों के पेट में मरोड़ उठने की समस्या रहती है। वैसे तो ये बहुत ही आम समस्या है लेकिन बच्चों का इससे रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है और बच्चों को रोता देखकर माँ-बाप की हालत भी खराब हो जाती है। क्यूंकि बच्चा कुछ बोल नहीं सकता इसलिए माँ-बाप ये समझ नहीं पाते कि आखिर बच्चा क्यों रो रहा है।

परन्तु बच्चा यदि लगातार रोये ही जा रहा है तो ये लक्षण है कोलिक पेन का। इसके लिए आज हम आपको दादी-नानी के कुछ ऐसे कारगर घरेलू उपाय (Colic in Newborn Babies Home Remedies in Hindi) बताने जा रहे हैं, जिससे कोलिक पेन कुछ ही घंटों में ठीक हो जाएगा।

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कैसे पहचाने कि बच्चे को कोलिक ही है (Colic in Newborn Babies Symptoms in Hindi)

बच्चे का लगातार रोते रहना और उसे चुप कराना मुश्किल हो जाना। इसके अलावा भी अन्य कई लक्षण होते हैं, आइये जानते हैं –

  • गंभीर तरीके से रोना और चेहरे पर दर्द होने के भाव प्रकट करना
  • चेहरे का पीला पड़ जाना
  • टांगें और बाहें कठोर हो जाना
  • ज्यादातर एक ही समय पर रोना जैसे दूध पीने के बाद या शाम को
  • पेट का सख्त होना
  • बच्चा यदि अपनी टांगों को पेट की तरफ मोड़ रहा हो

कोलिक के क्या कारण हो सकते हैं (What Causes Colic in Babies)

अधिकतर ज्यादा फीड लेने की वजह से बच्चे के पेट में गैस बन जाती है, यदि वो बाहर न निकले तो उस कारण भी कोलिक पेन होता है या बच्चे में कम फीड लिया हो तो उस वजह से भी हो सकता है। क्यूंकि हमारे पेट में गैस्ट्रिक एसिड होता है तो उस वजह से भी गैस बनती है। ये आपने नोटिस किया होगा कि जब भी हम अधिक देर तक भूखे रहते हैं तो पेट में गुड़-गुड़ की आवाज़ आती है।

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बच्चों को कैसे बचाएं कोलिक पेन से

कुछ निम्नलिखित तरीके अपनाकर आप अपने बच्चे को पेट में उठने वाले मरोड़ से बचा सकते हैं। जैसे –

  • बच्चे को ज्यादा देर तक भूखा न रखें
  • बच्चे को 10 मिनट से ज्यादा फीड न दें
  • फीड देते हुए बच्चे की हेड पोजीशन ऊपर रखें और टाँगे नीचे
  • फीड देने के बाद बच्चे को छाती से लगाकर burp करवाएं
  • बच्चे के घुटनों को छाती तक लाएं, इससे भी गैस पास हो जाती है
  • समय-समय पर देखते रहे कि बच्चे का पेट सख्त तो नहीं है
  • यदि बच्चा बोतल से दूध पी रहा है तो बोतल खाली होने पर तुरंत हटा दे ताकि हवा अंदर न जा सके

नवजात शिशु के उदरशूल का भारतीय घरेलू उपचार (Colic in Newborn Babies Home Remedies in Hindi)

नवजात शिशु को उदरशूल की समस्या अधिक होती है और इसके लिए आपको हमेशा भारतीय घरेलू उपचारों द्वारा की इलाज करना चाहिए। आइये जानते हैं –

घुटनों को पेट की तरफ मोड़ें

बच्चे को सीधा लेटाकर उसके घुटनों को मोड़ें और पेट की तरफ ले जाकर हल्का सा दबाएं, जैसे पवनमुक्तासन करते हैं। इससे पेट में इकट्ठी हुई गैस बाहर निकल जायेगी और बच्चे का रोना भी बंद हो जाएगा।

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जौ के आटे का लेप

मट्ठे में जौ के आटे को यवक्षार (जौ के पौधे को जलाकर बनाई गई राख) मिलाकर पीसकर हल्का गर्म लेप करने से उदरशूल नष्ट हो जाता है।

कार में घुमाएं

हाल ही में रिसर्च में ये दावा किया गया है कि यदि बच्चे को कार में स्मूथ रोड पर घुमाया जाए तो वह आराम से कार में ही सो जाता है और उसका रोना बिल्कुल बंद हो जाता है। आपका बच्चा भी यदि उदरशूल से अधिक रो रहा हो तो आप भी ये तरीका आजमाकर (Colic in Newborn Babies Home Remedies in Hindi) देख सकते हैं।

मसाज करें

तिल के तेल में सौंठ और लहसुन को कूटकर हल्का गर्म कर लें और फिर इसे उँगलियों की मदद से बच्चे की नाभि के आस-पास मलें, ये दर्दनिवारक तेल है। इससे कुछ ही देर में बच्चे का उदरशूल नष्ट हो जाएगा।

हींग

एक छोटी कटोरी में 1/2 चम्मच हींग डालें और इसके बाद इतना पानी मिलाएं कि गाढ़ा पेस्ट बन जाए। इसके बाद इसे बच्चे के पेट पर clockwise डायरेक्शन में मलें। ये दादी-नानी द्वारा बताया गया बहुत ही बढ़िया नुस्खा है और आप स्वयं फर्क देखेंगे।

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सूती कपड़े से सिकाई

उपर्युक्त नुस्खा करने के तुरंत बाद तवे को गर्म कर लें और उसपर कोई सूती कपड़ा रखकर गर्म कर लें। ध्यान रहे गर्म इतना ही करें जितना बच्चे के पेट पर रखा जा सके। इस गर्म कपड़े को भी पेट पर क्लॉकवाइज दिशा में घुमाएं। ये कोलिक पेन को दूर करने के लिए रामबाण है।

मट्ठा

दही को मथकर पतला कर लें और उसमें काली मिर्च मिला लें। फिर उसे अपनी ऊँगली की सहायता से ही बच्चे को चटा दें। इससे बच्चे की पेट में जमा गैस बाहर निकल जायेगी और उदरशूल नष्ट हो जाएगा।

चिकित्सक को कब दिखाएं

उपर्युक्त घरेलू उपाय करने के बाद भी यदि बच्चा लगातार रो रहा है और उसका चेहरा पीला पड़ गया है तो आपको चिकित्सक के पास जाना चाहिए। रिसर्च की माने तो 4 महीने तक बच्चा इससे अधिक पीड़ित रहता है और उसके बाद वह स्वयं कोलिक को ठीक करने लगता है। क्यूंकि फिर बच्चा crawl करने लगता है, जिससे उसकी पाचन शक्ति अच्छी होने लगती है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – क्या ब्रेस्टफीड से कोलिक होता है?

उत्तर – जी नहीं, ब्रेस्टफीड कोलिक का कारण नहीं है। कोलिक बच्चों को 4 महीने तक होता ही है क्यूंकि आँतों अभी पूर्णतया विकसित नहीं हुई होती।

प्रश्न – क्या माँ के आहार के कारण बच्चे को कोलिक हो सकता है?

उत्तर – ऐसा अभी तक साबित नहीं हुआ है कि माँ के आहार की वजह से बच्चे को कोलिक की समस्या हो। लेकिन वाई-बादी वाली चीजें यदि माँ ज्यादा सेवन करती है तो शायद उस वजह से बच्चे को कोलिक हो सकता हो। लेकिन ऐसा अभी तक साबित नहीं हुआ है।

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