Sunday, October 2, 2022
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पार्किंसन बीमारी क्या है, इसके लक्षण और इसे लड़ने के लिए आहार और व्यायाम | Causes Symptoms of Parkinson Disease in Hindi

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पार्किंसन बीमारी क्या है, इसके लक्षण और इसे लड़ने के लिए आहार और व्यायाम Causes Symptoms of Parkinson Disease in Hindi

11 अप्रैल को विश्वभर में पार्किंसन दिवस मनाया जाता है। इसे यूरोपीय पार्किंसंस रोग संघ द्वारा समर्थित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य इस रोग के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाना है और साथ ही ये बताना भी है यह रोग किस तरह मनुष्य को प्रभावित करता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्वभर में 7 से 10 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। उम्र बढ़ने के साथ इसका रिस्क बढ़ जाता है और पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ये रोग अधिक होता है।

हालाँकि इसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है लेकिन फिर भी कुछ उपाय और आहार एवं वयायाम के द्वारा इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

पार्किंसन रोग क्या है? (Parkinson Disease in Hindi)

ये एक neurodegenerative बीमारी है। इसमें ब्रेन के न्यूरोन/सेल्स degenerate होते हैं उसमें से निकलने वाले रसायन कम हो जाते हैं। ये dopamine group of chemicals होते हैं, इन्हीं केमिकल्स के कम होने की वजह से आपको पार्किंसन बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं।

पार्किंसन रोग के लक्षण in Hindi (Causes Symptoms of Parkinson Disease in Hindi)

पार्किंसन रोग के लक्षण क्या हैं? आइये जानते हैं –

स.लक्षण
1हाथ-पैरों में कम्पन होना
2चलने और बात करने में मुश्किल होना
3शरीर के कुछ हिस्सों में अकड़न हो जाती है
4मांसपेशियों में तनाव की स्थिति उत्त्पन्न हो जाती है
5हिलने-डुलने में मुश्किल होने लगती है
6नींद नहीं आती
7पसीना अधिक आता है
8डिप्रेशन और एंग्जायटी की समस्या हो जाती है
9बैलेंस बनाने में मुश्किल होती है जिससे व्यक्ति गिर भी जाता है

पार्किंसन रोग के कारण (Parkinson Disease Causes)

अनुवांशिक कारणों के अलावा तनाव, सिर में चोट लगने की वजह से या रसायन युक्त भोजन करने की वजह से भी पार्किंसन बीमारी का खतरा अधिक होता है।

पार्किंसन में क्या खाना चाहिए

वैसे तो कोई ऐसा स्पेशल फ़ूड नहीं है जो पार्किंसन में खाना चाहिए लेकिन कुछ विटामिन्स और खनिजों की मात्रा बढ़ाने से इसमें फर्क पड़ता है।

ओमेगा-3

ओमेगा-3 के सेवन से डिप्रेशन से राहत पाने में सहायता मिलती है और ये मूड को भी अच्छा करता है। इसके कई sources हैं –

  • Tuna
  • Salmon
  • Mackerel
  • अलसी के बीज
  • अखरोट
फाइबर

फाइबर की मात्रा आहार में बढ़ाएं क्यूंकि ये आपको कब्ज़ की समस्या से राहत दिलाएंगे। आइये जानते किस चीज से फाइबर मिलता है –

  • आम
  • अनानास
  • अंगूर
  • गाजर
  • चकुंदर
  • मटर
एमिनो एसिड

ये dopamine के उत्पादन में मदद करता है। निम्नलिखित खाद्य-पदार्थों में एमिनो एसिड्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं –

  • बादाम
  • तिल के बीज
  • चने
  • दालें
  • ब्राज़ील नट्स
  • पेकान – देखने में अखरोट जैसे ही होते हैं

पार्किंसन डिजीज ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद इन हिंदी

पार्किंसन डिजीज को ठीक करने या उसपर नियंत्रण पाने के लिए बाबा रामदेव जी ने कुछ औषधियां बताई हैं, आइये जानते हैं –

मेधावटी –

मेधावटी में मस्तिष को पहुंचाने वाले सभी द्रव मौजूद हैं। इसके सेवन से अनिद्रा, अवसाद और बुढ़ापे में भ्रम पड़ने जैसी स्थिति को ठीक किया जाता है। जिन लोगों को याद्दाश्त मजबूत करनी है उनके लिए ये बहुत बढ़िया है। पार्किंसन के रोगियों को भी ये दवा दी जाती है।

सेवन की विधि – दिन में 1-1 गोली सुबह-शाम सेवन करनी है। आप इसे दूध के साथ या फिर पानी के साथ भी ले सकते हैं।

अश्वशिला

हर प्रकार की शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए अश्वशिला बहुत ही उपयोगी है। इसमें शिलाजीत होता है जो पुरुषों की मर्दाना शक्ति को भी बढ़ाता है। शिलाजीत में fulvic acid पाया जाता है जो मस्तिष्क संबंधी विकारों को दूर करता है और शारीरिक कम्पन को भी ठीक करने में मदद करता है।

सेवन की विधि – इस औषधि का सेवन वैद्य की सलाह से लें क्यूंकि हर व्यक्ति की उम्र, प्रकृति के अनुसार ही औषधि दी जाती है।

त्रयोदशांग गुग्गुल –

ये औषधि वातनाशक है। शरीर के हर प्रकार के दर्द, कम्पन और गठिया जैसे रोगों को ठीक करने में इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें अश्वगंधा, गिलोय, शतावरी, गोखरू, गुग्गलु जैसे घटक द्रव्य हैं जो पार्किंसन रोग में उपयोगी माने जाते हैं।

सेवन की विधि – 2 गोली सुबह-शाम गुनगुने जल या दूध के साथ सेवन करें।

पार्किंसन रोग के लिए योग

पार्किंसन रोग व्यायाम के द्वारा और योग के द्वारा काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आपको योग और व्यायाम का नियमित एक नियम बनाना होगा।

  1. मुख का व्यायाम – पार्किंसन रोग में मुंह भी जकड़ जाता है। इसके लिए मुख का व्यायाम करना आवश्यक है जैसे कि मुंह में पानी भरें और कुछ देर भरा रखें, फिर पानी को अंदर ले जाएँ। ऐसा 5 बार करें।
  2. सिंहासन योग – सिंहासन योग के द्वारा भी मुख को जकड़न को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसका अभ्यास नित्य करें।
  3. तालासन – पहले अपने दाएं हाथ में कोई रोड पकड़ें, फिर सांस भरते हुए दाएं हाथ और एड़ियों को एकसाथ ऊपर की ओर उठायें और कुछ देर इसी स्थिति में बने रहें। फिर ऐसा ही बाएं हाथ के साथ भी करें। ये कम्पन रोग के लिए योग बहुत उत्तम है। हाथ-पैरों में होने वाली कम्पन दूर होगी।
  4. एकपादहस्तासन – इस योगासन से शरीर का बैलेंस बनाने में मदद मिलेगी और साथ ही कम्पन रोग भी ठीक होगा।
  5. अनुलोम-विलोम – अनुलोम-विलोम प्राणायाम तनाव को दूर करने के लिए और मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है। इससे पार्किंसन बीमारी के कई रोगियों को राहत मिली है।

निष्कर्ष

पार्किंसन रोग में आयुर्वेदिक दवाओं का असर काफी असरदार रहा है। इसके साथ ही योग और व्यायाम भी काफी उपयोगी है। आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करने से पहले हमेशा चिकित्सक से परामर्श करें।

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