Sunday, October 2, 2022
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काली मिर्च का नित्य सेवन करने से क्या लाभ होगा? जानिए क्या कहती है मॉडर्न साइंस?

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काली मिर्च का नित्य सेवन करने से क्या लाभ होगा? जाएँ क्या कहती है मॉडर्न साइंस?

आयुर्वेद के अनुसार तो काली मिर्च सेहत के लिए बहुत ही उपयोगी मानी जाती है और इसका प्रयोग कई आयुर्वेदिक औषधियों को बनाने में भी किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ बात करें नमक कि तो इसका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता क्यूंकि हाई बीपी की समस्या नमक के अधिक सेवन करने से ही होती है।

काली मिर्च जिसे piper nigrum भी कहते हैं। इसमें कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं जैसे पाइपरिन जो भोजन को पचाने में मदद करता है। काली मिर्च से पैंक्रियाटिक लाइपेज, काइमोट्रिप्सिन और एमिलेज की गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसके सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होती है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि काली मिर्च पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाती है क्यूंकि इसके कार्मिनेटिव गुण होते हैं। पुराने समय में चीन में इसका प्रयोग मिर्गी के इलाज के लिए किया जाता था। और अब मॉडर्न साइंस का भी मानना है कि काली मिर्च सही मायने में स्वास्थ्यवर्धक लाभ प्रदान करती है।

काली मिर्च का नित्य सेवन करने से क्या लाभ होगा

जी हाँ, मॉडर्न साइंस ने भी माना है कि काली मिर्च के सेवन से अद्भुत शारीरिक और मानसिक लाभ हो सकते हैं –

काली मिर्च के स्वास्थ्य लाभ

आजकल खान-पान और वातावरण दोनों ही प्रदूषित हैं, जिस वजह से शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाते हैं। इस कारण मनुष्य कम उम्र में ही बूढ़े दिखने लगते हैं और कई खतरनाक बिमारियों का शिकार हो जाते हैं जैसे गठिया, मधुमेह, अस्थमा और हृदय रोग आदि।

अब जानते हैं काली मिर्च के स्वास्थ्य लाभ पोषक तत्वों के साथ –

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण

काली मिर्च एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है क्यूंकि इसके अंदर piperine होता है। यह शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन और दर्द को कम करने के लिए बहुत फायदेमंद है। गठिया ऑटो-इम्यून बिमारियों में इसका प्रयोग लाभकारी है।

जानवरों के ऊपर की गयी एक रिसर्च में पता चला है कि piperine गठिया वाले चूहों में सूजन और दर्द को कम करता है।

एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण

काली मिर्च में एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स से मुक्त करके इम्युनिटी को बढ़ाते हैं। इसे पानी में उबालकर और इसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर सेवन करने से मौसम बदलने पर होने वाले सर्दी-जुकाम से छुटकारा मिलता है।

एंटी-हाइपरग्लिसेमिक एजेंट

इनका काम रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा को कम करना होता है। इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें काली मिर्च का सेवन अवश्य करना चाहिए।

एंटी-कैंसर गुण

काली मिर्च में कैंसर सेल्स को मारने के गुण होते हैं। इसमें मौजूद piperine के अंदर ये सभी गुण पाए जाते हैं। शोधकर्ताओं ने कई मसालों पर शोध किया जिसमें ये पाया गया कि piperine कैंसर सेल्स को मारने के लिए सबसे प्रभावशाली है।

काली मिर्च के साइड इफेक्ट्स

कुछ लोग ऐसे होते हैं कि उन्हें किसी चीज का फ़ायदा बताओ तो उसका अधिक मात्रा में सेवन करने लगते हैं और उस स्थिति में फ़ायदा करने वाली चीज भी नुकसान पहुंचाने लगती है। अधिक मात्रा में तो रोटी भी लाभकारी नहीं रहती। इसलिए काली मिर्च का अधिक सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है।

  • काली मिर्च की तासीर गर्म है, इसलिए अधिक खाने से त्वचा रोग हो सकते हैं
  • पेट में गर्मी बढ़ सकती है, जिस कारण कब्ज़ की शिकायत हो सकती है
  • सांस से जुडी समस्याएं भी हो सकती हैं
  • पेट में अल्सर की समस्या भी हो सकती है
  • प्रेगनेंसी में भी सिमित मात्रा में सेवन करें नहीं तो बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है
निष्कर्ष

बिना अपने डायटीशियन या चिकित्सक के परामर्श के बिना अपने आहार में बिल्कुल बदलाव न लाएं। काली मिर्च का सेवन भी सीमित मात्रा में करें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – काली मिर्च की तासीर कैसी होती है?

उत्तर – काली मिर्च तासीर में गर्म है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

प्रश्न – 1 दिन में कितनी काली मिर्च खानी चाहिए?

उत्तर – गर्मियों में सालाद या दही में डालकर खा सकते हैं और सर्दियों में आप 3 से लेकर 5 ग्राम तक की मात्रा का सेवन कर सकते हैं।

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